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Special Report: भारत और यूरोप स्वभाविक साझेदार हैं

भारत और यूरोप

नई दिल्ली।  भारत ने कहा है कि यूरोपीय संघ और भारत स्वाभाविक साझेदार हैं और भारत यूरोपीय संघ के साथ  रिश्तों को काफी अहमियत देता है। यूरोप भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है जो अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति में  अहम भूमिका निभा रहा है। विदेश मंत्रालय में  सचिव रुचि घनश्याम  ने यहां एक बैठक में  कहा कि यूरोपीय संघ भारत के सबसे बड़े साझेदारों में से है जिसके साथ भारत गहरा तालमेल बनाए रखेगा। भारत और यूरोपीय संघ विश्व में स्थिरता पैदा करने वाली  भूमिका में सहयोगी बने रहेंगे। यूरोपीय संघ भी ऐसी अंतर्राष्ट्रीय भूमिका  निभाना चाहता है जिससे दुनिया में स्थिरता को बढ़ावा मिले।





 यूरोपीय संघ के राजदूत तोमास्ज कोजलोवस्की के साथ यहां एक बैठक को सम्बोधित करती हुई विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) रुचि घनश्याम ने  कहा कि यही वजह है कि यरोपीय संघ के साथ रिश्तों को गहरा करने के लिये 30 विभिन्न क्षेत्रों में डायलाग मैकेनिज्म स्थापित हो चुके हैं। यह वार्ता  व्यापार, पर्यावरण, साझा वैज्ञानिक शोध से लेकर सुरक्षा और कूटनीति के क्षेत्रों में चल रही है। दोनों पक्षों के बीच सहयोग के रिश्तों को और गहरा  करने के लिये गत जून माह में ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यूरोपीय संघ के मुख्यालय  और  बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स का दौरा किया था।

यूरोपीय संघ और भारत के थिंक टैंकों के बीच संवाद की पहल के लिये आयोजित बैठक में यूरोपीय संघ के राजदूत तोमास्ज कोजलोवस्की ने कहा कि स्व.  प्रधानमंत्री  अटल बिहारी वाजपेयी  ने ही यूरोपीय संघ के साथ सामरिक साझेदारी का रिश्ता स्थापित कर सामरिक वार्ता का सिलसिला शुरु किया था।  पिछले साल अक्टूबर में हुई भारत यूरोपीय संघ की शिखर बैठक का जिक्र करते हुए राजदूत ने कहा कि दोनों पक्षों के नेताओं ने एक दूसरे को अपना स्वाभाविक साथी माना है।

उन्होंने कहा कि भारत के साथ रिश्तों को गहरा करने के लिये यूरोपीय संघ एक नई रणनीति  जारी करेगा। यूरोप और एशिया को जोड़ने के लिये यूरोपीय संघ की एक नई रणनीति भी जारी की जाएगी। इसके साथ ही यूरोप औऱ एशिया की शिखर बैठक आसेम आगामी अक्टूबर में होगी।

उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते विश्व माहौल में भारत औऱ यूरोपीय संघ के बीच रिश्तों को और व्यापाक आधार मिलने वाला है।  उन्होंने कहा कि गत अक्टूबर में भारत  यूरोप शिखर बैठक से सामरिक साझेदारी के रिश्तों में नया अध्याय जुड़ा है। इसके मद्देनजर आने वाले दिनों में भारत औऱ यूरोपीय संघ के बीच वैश्विक मामलों पर सहयोग का दायरा और बढ़ेगा।

राजदूत ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ दुनिया के दो सबसे बड़़े जनतांत्रिक देश हैं जो दोनों साथ मिलकर काम करते रहने की प्रतिबद्धता के साथ बहुपक्षीय शासन और नियम आधारित व्यवस्था का पालन करते हुए अपने सभी के हितों के अनुरूप दुनिया का आकार तय करने में परस्पर सहयोग  करते रहेंगे। वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के अनुरूप  यूरोपीय संघ और इसके सदस्य देश इस साझेदारी को नई उंचाई पर ले जाने को प्रतिबद्द हैं। वास्तव में भारत और यूरोप के बीच सहयोग पूरी दुनिया के लिये भी अहम साबित हो रहा है।

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