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स्पेशल रिपोर्ट: हाफिज सईद ने अपने प्रतिबंधित संगठनों का नाम बदला

आतंकी हाफिज सईद

नई दिल्ली। पाकिस्तान सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद  हाफिज सईद के प्रतिबंधित संगठनों जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इन्सानियत ने अपना नाम बदल कर पहले से गठित तंजीमों के जरिए अपनी गतिविधियों को चलाते रहने का फैसला किया है।





14 फरवरी को पुलवामा में आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान पर जब अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा तो उसने लश्कर ए तैयबा के संगठन जमात-उद-दावा और इसके कथित मानवीय सहायता संगठन फलाह-ए-इन्सानियत पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया ताकि वह आतंकवादी संगठनों को वित्तीय मदद पर रोक लगाने वाली संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF)  द्वारा कड़ी कार्रवाई से बच सके।

लेकिन यहां मिली रिपोर्टों से पता चला है कि जमात-उद-दावा  और फलाह-ए-इन्सानियत के जेहादी तत्वों ने पहले से स्थापित  तंजीम-अल-मदीना और अल अंसार फाउंडेंशन में अपना विलय कर दिया है। जमात उद दावा को मिलने वाली आर्थिक मदद अब अल-मदीना के खाते में जाएगी। इसी तरह अल अंसार फाउंडेशन में फलाह- ए- इन्सानियत विलीन हो जाएगा। यह संगठन भी अपने का सामाजिक सहायता संगठऩ के तौर पर पेश करती है।

गौरतलब  है कि जब लश्कर ए तैयबा के आतंकवादियों ने 26-11 का कुख्यात आतंकवादी हमला किया था तब भी लश्कर ए तैयबा पर प्रतिबंध लगा था और इसने जमात उद दावा के नाम से अपनी गतिविधियां  शुरू कर  दी थीं। अब एक बार फिर जमात उद दावा पर जब प्रतिबंध लगा है तो इसने नया संगठन बनाने के बदले एक पुराने संगठन में अपने को विलीन करने का फैसलाकर लिया।

यहां राजनयिक प्रेक्षकों का कहना है कि पाकिस्तानी आतंकवादी तंजीम पहले भी प्रतिबंध लगने के बाद दूसरा तंजीम बना कर अपने ऊपर प्रतिबंध लगने की कार्रवाई को बेअसर करने के कदम उठाते रहे हैं।  यहां प्रेक्षकों का कहना है कि यह सब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की मदद से होता है ताकि उनके द्वारा पोषित आतंकवादी तंजीमों की सालों की कोशिश बर्वाद नहीं जाए।

यहां सूत्रों का कहना है कि दोनों प्रतिबंधित संगठनों के जेहादी  चंदा इकट्ठा करने में जुटे हैं औऱ उनके खिलाफ पाकिस्तानी एजेंसियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

गौरतलब है कि पुलवामा में गत 14 फरवरी को हुए आतंकवादी हमले के लिये खुद को जिम्मेदार ठहराने वाला जैश ए मुहम्मद पर भी पाकिस्तान सरकार ने प्रतिबंध लगाया हुआ है लेकिन इसका नेता मसूद अजहर खुले आम घूम रहा है औऱ भारत को तरह तरह की धमकियां दे रहा है। पाकिस्तान की धरती से इस तरह भारत को धमकाने वाले बयानों को नजरअंदाज करने को अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने गम्भीरता से लिया है।

इस संगठन के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पिछले सप्ताह कड़ा निंदा प्रस्ताव पारित किया है।

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