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स्पेशल रिपोर्ट: जनरल बाजवा 3 साल और रहेंगे, भारत से बढ़ेगा तनाव

पाक सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा
फाइल फोटो

नई दिल्ली। पाकिस्तान के थलसेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के वरदहस्त से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी इमरान खान ने अहसान चुकाते हुए जनरल बाजवा का सेवा काल तीन साल के लिये बढ़ा दिया है। जनरल बाजवा सेवाकाल में विस्तार पाने वाले दूसरे सेना प्रमुख हैं। इसके पहले प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने जनरल अशफाक परवेज कयानी को तीन साल का सेवा विस्तार 2010 में दिया था।





जनरल बाजवा का पिछला तीन साल का रेकॉर्ड कट्टर भारत विरोधी रहा है इसलिये उनके सेवा विस्तार से भारत के सामरिक हलकों में इस बात को लेकर चिंता होगी कि पाकिस्तान का भारत के प्रति आक्रामक रुख बना रहेगा और इससे भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव औऱ उग्र हो सकता है। जनरल बाजवा का मौजूदा कार्यकाल तीन महीने बाद समाप्त होने वाला है। उन्हें तीन साल का सेवा विस्तार मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद मिला है। जनरल बाजवा को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने नवम्बर, 2016 में सेना प्रमुख के पद पर यह भरोसा करते हुए बनाया था कि वह प्रधानमंत्री शरीफ का साथ देंगे और शासन चलाने में उन्हें ताकत प्रदान करेंगे। लेकिन जनरल बाजवा और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच खटपट हो गई और इसका नतीजा है कि नवाज शरीफ इन दिनों कारावास में हैं।

यहां सामरिक हलकों में माना जा रहा है कि जनरल बाजवा को सेवा विस्तार मिलने से पाकिस्तान के आला सैन्य जनरलों में निराशा और नाराजगी पैदा हुई है क्योंकि जो जनरल सेना प्रमुख बनने के दावेदार थे उनका सुनहरा मौका हाथ से चला गया। लेकिन जनरल बाजवा इतने ताकतवर सैन्य जनरल हैं कि उनका कोई मातहत जनरल उनके खिलाफ जाने की हिम्मत नहीं करेगा।

यहां सामरिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने जनरल बाजवा के दिशा निर्देशों के तहत ही अपना दायित्व निभाया है। जनरल बाजवा का पाकिस्तानी सरकार पर प्रभुत्व पूरी तरह कायम रहा है। यहां तक कि पाकिस्तान की नई आर्थिक नीति बनाने में प्रधानमंत्री खान ने जनरल बाजवा की सलाह से ही काम किया है।

जनरल बाजवा का सेवा विस्तार तीन साल आगे बढ़ाने वाला सरकारी बयान खुद प्रधानमंत्री इमरान खान के दस्तखत से जारी हुआ है। सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि जनरल बाजवा को अतिरिक्त तीन साल के लिये सेना प्रमुख नियुक्त किया जा रहा है। इसमें यह भी कहा गया है कि यह फैसला क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल के मद्देनजर लिया गया है।

सुरक्षा माहौल का तात्पर्य यह है कि पाकिस्तान को पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर भारत और अफगानिस्तान से जूझना पड़ रहा है औऱ मौजूदा माहौल से चूंकि जनरल बाजवा पूरी तरह वाकिफ हैं इसलिये वे ही देश के हितों को बचाने के काबिल है।

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