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स्पेशल रिपोर्ट: चीन को नियम पालन के लिये चार देशों ने किया आगाह

राष्ट्रपति शी जिनपिंग
फाइल फोटो

नई दिल्ली। हिंद महासागर और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाले हिंद प्रशांत इलाके के भारत सहित चार साझेदार देशों ने बैंकाक में अहम बैठक की है और इस इलाके के दक्षिण व पूर्व चीन सागर में चीन के विस्तारवादी रवैये पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इस बैठक के बाद जारी अमेरिकी बयान में चीन की समुद्री गतिविधियों पर इशारों में टिप्पणी करते हुए सभी देशों द्वारा नियमों के पालन के लिये आगाह किया गया है।





इसके मद्देनजर चारों देशों ने  आपसी समुद्री सहयोग को गहरा करने के बारे में बातचीत की। दक्षिण चीन सागर के इलाके पर चीन द्वारा अपना प्रभुत्व जमाने वाले विस्तारवादी कदमों को लेकर हिंद प्रशांत के तटीय देशों में विशेष चिंता के मद्देनजर चारों देशों ने तीन साल पहले मनीला में एक मंच पर आने का सिलसिला शुरू किया था।

चारों देशों ने इस इलाके में नियम आधारित व्यवस्था के पालन की साझा प्रतिबद्धता दिखाई। गौरतलब है कि चीन पर उक्त आशय का आरोप लगता रहा है कि वह इस इलाके में समुद्री कानूनों और नियमों का उल्लंघन कर रहा है। चार देशों की इस साझा बैठक के बारे में भारतीय विदेश मंत्रालय और अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नजरिये से अलग अलग बयान जारी किया।

अमेरिकी बयान में कहा गया कि  चारों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के आदर के अलावा समुद्री आवाजाही की आजादी और समुद्री आसमान से होकर उड़ान की आजादी पर जोर दिया।

यहां विदेश मंत्रालय ने हिंद प्रशांत के मसलों पर आपसी सहयोग और तालमेल के लिये गठित चार देशों के समूह की बैंकाक में 31 मई को हुई इस अहम बैठक की जानकारी देते हुए कहा  कि  इस इलाके में शांति व स्थिरता के मसलों पर चर्चा की गई।

चार देशों का यह समूह भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान है जिनके विदेश मंत्रालयों के आला अधिकारियों ने आपसी और वैश्विक मामलों पर सलाह मशविरा किया। अधिकारियों ने इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा , आतंकवाद, सम्पर्क और ढांचागत विकास , मानवीय सहायता और राहत व बचाव, समुद्री सहयोग और साइबर सुरक्षा मसलों पर विचारों का आदान प्रदान किया। इस बैठक के बारे में यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस बैठक का उद्देश्य  हिंद प्रशांत इलाके में शांति, सुरक्षा और समृदिध को बढ़ावा देना है।

इन अधिकारियों ने हिंद प्रशांत इलाके को खुला, स्वच्छंद, समृद्ध और समावेशी बनाने का संकल्प जाहिर किया। चारों भागीदार देशों ने हिंद प्रशांत इलाके के साझा नजरिया के लिये दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान की पहल का स्वागत किया। भागीदार देशों ने हिंद प्रशांत इलाके में आसियान के केंद्र बिन्दु और आसियान की अगुवाई वाली व्यवस्थाओं  की सराहना की।

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