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स्पेशल रिपोर्ट: विदेश सचिव चीन जाएंगे, मसूद के खिलाफ वीटो वापस लेगा चीन

विदेश सचिव विजय गोखले

नई  दिल्ली। भारत और चीन के बीच आपसी और अंतरराष्ट्रीय मसलों पर उच्चस्तरीय सलाह  मशविरा जारी रखने के इरादे से विदेश सचिव विजय गोखले 22 अप्रैल को दो दिनों के पेइचिंग दौरे पर रवाना होंगे। इस दौरे में विजय गोखले की  चीनी विदेश मंत्रालय में उनके समकक्ष चीनी विदेश उप मंत्री के अलावा विदेश मंत्री वांग ई से भी मुलाकात होगी।





यहां विश्वस्त राजनयिक सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मई के पहले सप्ताह में संयुक्त राष्ट्र में आतंकवादी मसूद अजहर को आतंकवादी सूची में नाम शामिल करने के  मसले पर चीन अपना विरोध वापस ले सकता है। मसूद अजहर के खिलाफ प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद विरोधी प्रतिबंध समिति 1267 के तहत कार्रवाई को  हरी झंडी संयुक्त राष्ट्र से मिल सकती है।

राजनयिक सूत्रों के मुताबिक विदेश सचिव गोखले के चीन दौरे में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के मसले पर बातचीत होगी।  भारी दबाव के बाद चीन ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवादी मसूद अजहर को प्रतिबंधित सूची में डालने के प्रस्ताव को तकनीकी रोक हटाने का मन बना लिया है।

चीन द्वारा हरी झंडी दिये जाने के बाद अमेरिका, चीन और पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के आला अधिकारियों के बीच निरंतर बातचीत चली है। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान ने चीन और अमेरिका से आग्रह किया था कि उसे मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिये जमीनी तैयारी करने का वक्त दिया जाए।

गौरतलब है  कि चीन द्वारा  मसूद अजहर के खिलाफ पिछले नौ सालों से तकनीकी रोक लगाए रखने के मद्देनजर अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सुरक्षा परिषद में एक और साझा प्रस्ताव लाने का फैसला किया था जिसमें सुरक्षा परिषद के अंदर मसूद अजहर क मसले पर खुली बहस करने का प्रस्ताव रखा गया था। चीन ने इसके जवाब में कहा था कि वह सम्बन्धित  देशों से बात कर रहा है।

इसके बाद चीन ने पाकिस्तान पर दबाव डाला कि मसदू अजहर के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की  कार्रवाई को स्वीकार करे। सूत्रों के मुताबिक मसूद अजहर के खिलाफ  कार्रवाई करने वाली प्रतिबंध समिति 1267 के तहत कार्रवाई करने को हरी झंडी मिलने के बाद पाकिस्तान को मसूद अजहर को गिरफ्तार करना होगा।

लेकिन मसूद अजहर के खिलाफ पाकिस्तान क्या कोई ठोस कार्रवाई करेगा इस पर शक है। पाकिस्तान ने जिस तरह मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई के  लिये वक्त मांगा है उससे साफ है कि मसूद अजहर और इसकी तंजीम के खिलाफ मामूली और दिखावटी कार्रवाई ही हो पाएगी।

गौरतलब है कि मसूद अजहर के खिलाफ चीन ने साल 2009 के बाद से चार बार प्रस्ताव को तकनीकी आधार पर रोक कर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई को रोका है। इससे मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने से रोकवाने में पाकिस्तान औऱ चीन को कामयाबी मिली है।

विदेश सचिव गोखले के चीन दौरे के बारे में सूत्रों ने बताया कि  भारत औऱ चीन के बीच अनौपचारिक शिखर बैठकों का सिलसिला चीनी राष्ट्रपति शी चिन फिंग जारी रखना चाहते हैं। पिछली बार अप्रैल , 2018 में प्रधानमंत्री मोदी चीन के वूहान शहर गए थे। इस बार की शिखर बैठक का फैसला नई सरकार बनने के बाद ही प्रधानमंत्री स्तर से लिया जाएगा लेकिन  अगली शिखर बैठक के बारे में भारतीय और चीनी विदेश सचिवों के बीच चर्चा होगी।

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