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स्पेशल रिपोर्ट: बिग डेटा- 2019 में  चीन ने दिखाई अपनी ताकत

बिग डेटा एक्सपो-2019

कुइयांग(चीन)। इंटरनेट और सूचना तकनीक की दुनिया में नई क्रांति पैदा करने वाली बिग डेटा तकनीक के क्षेत्र में चीन ने अपनी  ताकत का प्रदर्शन यहां 26 से 29 मई तक चली बिग डेटा एक्सपो-2019 के दौरान किया। चीन ने इस क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने के साथ ही दुनिया की अग्रणी कम्पनियों  को आमंत्रित किया जिसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, मलेशिया, रूस , कनाडा , इजराइल आदि कम्पनियों ने भाग लिया। बिग डेटा के क्षेत्र में 42 अरब डॉलर का अंतरराष्ट्रीय  व्यापार चलने लगा है जिसमें चीन का  60 प्रतिशत और केवल 23 प्रतिशत पर ही अमेरिका का हिस्सा बन सका है।





बिग डेटा क्षेत्र में बढ़त और दुनिया पर प्रभुत्व हासिल करने के लिये चीन एक  राष्ट्रीय नीति के तहत इसका दोहन करने लगा है।  बिग डेटा तकनीक सूचना की खान से सोने का दोहन करने जैसा है। जिसके जरिये कोई भी देश अपनी अर्थव्यवस्था के  विकास की गति को भारी तेजी दे सकता है। बिग डेटा तकनीक  के जरिये परिवहन व्यवस्था से लेकर, स्वास्थ्य, बैंकिंग, कृषि , उद्योग आदि का तेजी से विकास किया जा सकता है। इससे राष्ट्रीय प्रशासन व्यवस्था को भी सुचारु तरीके से चलाने में मदद मिलती है। चीन इन सब क्षेत्रों में बिग डेटा तकनीक का इस्तेमाल करने लगा है और इसके तेजी से दोहन के लिये भारत सहित दुनिया की अग्रणी कम्पनियों को आमंत्रित कर रहा है। बिग डेटा एक्सपो- 2019  में भाग लेने वाली  दुनिया की अग्रणी कम्पनियों में गुगल, डेल , पिवोटल आदि शामिल हैं जब कि भारत के सूचना तकनीक उद्योग के राष्ट्रीय संगठन नैसकाम की अहम मौजूदगी थी।

चीन ने कुईचओ प्रांत की राजधानी कुईयांग को अब बिग डेटा का एक राष्ट्रीय गढ़ और डिजिटल घाटी के तौर पर बना दिया गया  है। चीन ने कुईयांग को बिग डेटा को दुनिया के सबसे विश्वसनीय और अग्रणी मंच के तौर पर स्थापित कर दिया है। पिछले चार साल से  कुईयांग शहर में बिग डेटा प्रदर्शनी आयोजित कर चीन ने दुनिया में बिग डेटा के क्षेत्र में अपनी क्षमता का डंका बजाया है।  इस साल आयोजित बिग डेटा प्रदर्शनी में आयोजकों का मुख्य जोऱ डिजीटल औद्योगिकरण और उद्योगों के डिजिटलकरण पर रहा।

चीन में बिग डेटा उद्योग के विकास के लिये चीन सरकार ने प्राइवेट उद्योग को कई तरह की ढांचागत और  वित्तीय मदद देनी शुरू की है क्योंकि चीन मानता है कि बिग डेटा की बदौलत देश की आर्थिक और सामरिक ताकत मजबूत होगी। यहां बिग डेटा एक्सपो के दौरान आयोजकों  ने कहा कि बिग- डेटा तकनीक की बदौलत चीन अपनी अर्थव्यवस्था की बड़ी चुनौतियों का मुकाबला कर सकता है।

बिग डेटा  सम्मेलन में भाग लेने आई भारतीय कम्पनियों के अधिकारियों ने बताया कि बिग डेटा के क्षेत्र में भारत अभी शैशवास्था में ही है क्योंकि भारत में इसके विकास के लिये समुचित ढांचागत  सुविधा नहीं है। यहां एक अग्रणी आईटी कम्पनी के प्रबंधक ने कहा कि भारत को भी तेजी से अपनी अर्थव्यवस्था का विकास करना है तो अपनी अर्थव्यवस्था के ड्राइवर के तौर पर बिग डेटा तकनीक का इस्तेमाल करना होगा और इसके लिये एक राष्ट्रीय नीति बनानी होगी।

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