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खास रिपोर्ट: ताइवान को संयुक्त राष्ट्र में भाग लेने का दें मौका

ताइवान के विदेश मंत्री डा. जोशिये जोसेफ वू
फोटो सौजन्य- गूगल

नई दिल्ली। ताइवान ने कहा है कि उसे संयुक्त राष्ट्र की व्यवस्था में भाग लेने का मौका मिलना चाहिये। ताइवान के विदेश मंत्री डा. जोशिये जोसेफ वू ने विश्व मंचों पर ताइवान की अहमियत बताते हुए कहा कि ताइवान के 02 करोड़, 30 लाख लोगों को संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था के संचालन में हिस्सा लेने का हक है।





कैरिबियाई इलाके में ताइवान के राजनयिक साथी देशों के दौरे में चीनी गणराज्य(ताइवान) की राष्ट्रपति त्साई इंग वन के हवाले से ताइवान के विदेश मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सतत विकास ( एसडीजी) के लक्ष्यों को हासिल करने में अपना योगदान देने के लिये ताइवान वैश्विक साझेदारों के साथ सहयोग करने को तैयार है। ताकि हम ऐसी दुनिया का विकास कर सकें जो हम चाहते हैं।

सतत विकास हमारे बेहतर और उज्जवल भविष्य के लिये ब्लुप्रिंट के समान हैं जिसमें दुनिया को ऐसे सतत विकास की ओर ले जाने का रास्ता दिखाया गया है जिसमें कोई भी पीछे नहीं छूटे। सतत विकास के लिये उच्चस्तरीय राजनीतिक मंच की जुलाई में हुई बैठक में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुंतरेस ने ने समबद्ध कार्योजना को तेजी से लागू करने पर जोर दिया है।

गौरतलब है कि 1949 में चीन में कमयुनिस्ट क्रांति होने के बाद चीन के तत्कालीन राष्ट्रपति च्यांग काई शेक ताइवाव चले गए थे औऱ तब से ताइवान अपने को चीन गणराज्य बताता रहा है। लेकिन चीन ताइवान को चीनी गणराज्य बताने पर एतराज करता है औऱ वह एक राष्ट्र के तौर पर ताइवान को विश्व मंचों पर कोई भूमिका नहीं निभाने देता है।

ताइवान की राष्ट्रपति ने कहा कि सभी को शामिल करने औऱ कोई भी पीछे नहीं छूटने के सिद्धांत की सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में अहम भूमिका होगी। राष्ट्रपति ने कहा कि एक पूर्ण स्तर के जनतांत्रिक देश ताइवान ने सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में समुचित प्रगति की है। ताइवान ने जरुरतमंद देशों को यह लक्ष्य हासिल करने मे मदद भी दी है।

लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप की वजह से ताइवान को संयुक्त राष्ट्र की गतिविधियों औऱ बैठकों व कार्ययोजनाओं में भाग लेने की इजाजत नहीं दी जाती है। सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में सहयोग करने के लिये ताइवान अपने अनुभव बांटने को तैयार है।

कई सालों बाद ताइवान ने गरीबी हटाने में भारी प्रगति की है औऱ किसी को भी भूखा नहीं रहने देने का लक्ष्य हासिल किया है। ताइवान में कम आय वाले घरों की संख्या घटकर 1.6 प्रतिशत रह गई है। ताइवान के 99.8 प्रतिशत लोग स्वास्थ्य बीमा का लाभ उठा रहे हैं। 2018 में ताइवान की कूड़ा संसाधन दर 55.69 प्रतिशत हो गई थी। ये आंकड़ें विकास के लक्ष्यों से कहीं बेहतर है।

राष्ट्रपति ने कहा कि ताइवान को संयुक्त राष्ट्र से बाहर रखने के पीछे अक्सर यही तर्क दिया जाता है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1971 में प्रस्ताव 2578( 16) पारित किया था, जिससे ताइवान को बाहर रखा जाता है। लेकिन इस प्रस्ताव में ताइवान को संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधित्व देने के मसले का जिक्र नहीं किया गया है औऱ न ही यह कहा गया है कि ताइवान चीन का एक हिस्सा है। वास्तव में ताइवान चीनी जनवादी गणराज्य (पीआरसी) का कभी भी हिस्सा नहीं रहा। वास्तव में संयुक्त राष्ट्र अपने प्रस्ताव की गलत व्याख्या करता है जिससे ताइवान को अलगथलग करने औऱ बाहर रखने को न्योयोचित ठहराया जा सके।

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