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रिमोट से चलने वाले रूस के इस टैंक और क्वैड बाइक पर हैं दुनिया की निगाहें

मॉस्को। रूस की विक्ट्री डे परेड उन रूसियों के सम्मान में निकाली जाती है जिन्होंने नाजियों के साथ लड़ाई में अपने जीवन का बलिदान दिया। इस बार की विक्ट्री डे परेड इस लिए खास बनने जा रही है क्योंकि इसमें रिमोट कंट्रोल से चलने वाला टैंक भी दिखाई देगा। इसके अलावा परेड में उस नई हथियार प्रणाली का प्रदर्शन भी होगा जिसका परीक्षण रूस ने सीरिया में किया है।





बीबीसी वेबसाइट की एक खबर के मुताबिक विक्ट्री डे परेड में दुनिया की निगाहें Uran-9 tank पर रहेंगी। रिमोट कंट्रोल से चलने वाले इस टैंक वास्तव में बेजोड़ है। इस टैंक में एंटी-टैंक रॉकेट, एक तोप और मशीन गन फिट है। इस टैंक के बारे में बताया जा रहा है कि यह साइज में भले ही छोटा प्रतीत हो लेकिन बहुत तेज है। Uran-9 tank खुद अपना टारगेट तलाश लेता है। फायर करने का फैसला टैंक से तीन किलोमीटर दूर बख्तरबंद गाड़ी में बैठा कमांडर ले सकता है।

रूसी मीडिया का तो यहां तक दावा है कि सीरिया में यह टैंक अपनी क्षमता दिखा चुका है। रूस के Gazeta.ru news की रिपोर्ट के मुताबिक Uran-9 tank और बारूदी सुरंग साफ करने वाले रोबोट सैपर Uran-6 ने सीरिया में रूसी सुरक्षा बलों की बेहद मदद की। सीरिया के शहरों पाल्मायरा, अलप्पो और डेर अल-जूर में Uran-6 रोबोट सैपर के बारूदी सुरंग साफ करने से रूसी सुरक्षाबलों को बेहद मदद मिली। Uran-9 tank की तरह इसे भी दूर से बैठकर कंट्रोल किया जा सकता है। हां, यह फर्क जरूर है कि Uran-9 को जहां तीन किलोमीटर दूर से भी कंट्रोल किया जा सकता है वहीं Uran-6 को एक किलोमीटर की दूरी पर बैठा इनसान संचालित कर सकता है।

रूसी रक्षा मंत्री यूरी बोरिसोव के मुताबिक Uran-6 ने बारूदी सुरंगे हटाकर सुरक्षा बलों की राह आसान बनाई है। Uran-6 की बदौलत रूसी सुरक्षा बल विद्रोहियों के कब्जे वाली जगहों में दाखिल होने में कामयाब रहे।

गौरतलब है कि आईएस और अन्य विद्रोहियों के विरोध का मुकाबला कर रहे सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद की मदद के लिए रूस ने सीरिया में सैनिक और युद्धक विमानों और जहाजों को तैनात कर रखा है।

विक्ट्री डे परेड का एक आकर्षण ऑल टैरेन और दो लोगों की सवाली वाली इनफैट्री बगीज भी होगी। रूस में बनी इस क्वैड बाइक में मशीन गन भी फिट हो सकती है। इनफैंट्री और स्पेशल फोर्स के लिए डिजाइन की गई AM-1 रेगिस्तान और दुर्गम स्थानों में बेहद काम की चीज है।

परेड का एक आकर्षण Korsar नाम का ड्रोन भी है। मौसम कैसा भी हो यह ड्रोन मिसाइल अटैक, रेकी और स्पलाई डिलीवरी में बेहद काम का है। छह किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ने वाला यह ड्रोन लगातार 10 घंटे तक उड़ान भर सकता है और 160 किलोमीटर दूर तक जा सकता है। यूं तो रूसी के पास कई किस्म के ड्रोन हैं लेकिन हेलीकॉप्टरनुमा Katran ड्रोन भी परेड में आकर्षण का केन्द्र रहेगा।

परेड में लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर भी फ्लाई पास्ट करेंगे।

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