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स्पेशल रिपोर्ट: प्रधानमंत्री मोदी फिर मिलेंगे चीनी राष्ट्रपति शी से    

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग (फाइल फोटो)

नई दिल्ली। चीन  में हो रही शांघाई सहयोग संगठन(एससीओ) की शिखर बैठक में भाग लेने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  नौ और 10 जून को छिंगताओ जाएंगे। वहां प्रधानमत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिन फिंग की एक बार फिर आपसी मुलाकात होगी।





 यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी की मुलाकात की पुष्टि की। भारत और चीन के शिखर नेताओं के बीच अप्रैल के अंत में ही वूहान शहर में अनौपचारिक बैठकों का लम्बा दौर चला था।  इस दौरान भारत और चीन के नेताओं के  बीच गर्मजोशी से जो मुलाकातें हुईं उससे माना जा रहा है कि दोनों देश आपसी मतभेदों के बावजूद सहयोग के रास्ते पर भी चलना चाहते हैं।

  छिंगताओ में  10 जून को एससीओ की शिखर बैठक होगी जिसमें प्रधानमंत्री मोदी का भाषण सुनने के लिये राजनयिक हलकों में उत्सुकता रहेगी। प्रधानमंत्री मोदी एससीओ में चीन व  रूस की अगुवाई वाले इस संगठन में सक्रिय भागीदारी कर एशिया में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका में भारत को पेश करेंगे। यह संगठन ऐसे वक्त हो रहा है जब चीन और अमेरिका तथा रूस और अमेरिका के रिश्तों में तनाव काफी बढ़ गया है और भारत औऱ अमेरिका के रिश्तों में भी तल्खी पैदा होने लगी है।

एक तरफ भारत शांघाई सहयोग संगठन में पहली बार पूर्ण सदस्य के तौर पर भागीदारी कर अपनी जगह बनाएगा वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह जानकारी भी दी कि सिंगापुर में हिंद प्रशांत इलाके के चार देशों के समूह की बैठक भी सम्पन्न हुई। हालांकि आधिकारिक तौर पर चार देशों की इस बैठक में भारत की ओर से क्या बातें रखी गईं इसकी जानकारी नहीं दी गई लेकिन सूत्रों ने बताया कि चार देशों के अधिकारी स्तर की बैठक में दक्षिण चीन सागर में चीन के आक्रामक सैन्य तेवर से साझा तौर पर निबटने के मसले पर चर्चा हुई।

 शांघाई सहयोग संगठन की शिखर बैठक में आतंकवाद के मुद्दे पर विशेष चर्चा होने की सम्भावना है। इस दौरान सदस्य देश आपस में आर्थिक सहयोग को पुख्ता करने के बारे में भी नये उपायों पर बातचीत करेंगे।

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