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बोस्निया में ईद के बावजूद लोग योग करने गए

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के मौके पर भारत पूरी दुनिया पर छाया रहा और हर जगह भारत की ही चर्चा होती रही। संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों में भारतीय दूतावासों के जरिये योग का सार्वजनिक आयोजन तो किया ही गया स्थानीय स्तर पर भी लोगों ने योगाभ्यास का आयोजन कर अपने लोगों को भारत की इस प्राचीन परम्परा को सीखने का आह्वान किया गया।





चाहे वह यूरोपीय राजधानियां हों या लातिन अमेरिकी देश हों या फिर अफ्रीका का कोई पिछड़ा देश- सब जगह लोग योग की ही चर्चा करते रहे। योग के जरिये दुनिया के लोगों के जेहन में भारत का नाम उभरा और इससे भारत की एक नई छवि बनी। योग को भारत के एक साफ्ट पावर यानी कोमल ताकत के तौर पर पेश किया जाने लगा है जिससे भारत और भारतीयों का मान-सम्मान विश्व रंगमंच पर बढ़ा है।

मिसाल के तौर पर यूरोप के बोस्निया और हर्जेगोविना के सात शहरों में जब योग के शिविर आयोजित किये गए तो ईद के बावजूद  उन कार्यक्रमों में भाग लेने के लिये लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया। हंगरी में भारत के राजदूत राहुल छाबड़ा ने यूरोप के इस मुख्यतः मुस्लिम बहुल इलाके के सात शहरों में योग के शिविर स्थानीय प्रशासन से आयोजित करवाए तो इन शहरों के लोग वहां सैंकड़ों की तादाद में पहुंचे। राजधानी सरायेवो में योग के कार्यक्रम तो 16 जून से ही शुरू हो गए थे। इस मौके पर भारत के कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किये गए तो लोग झूमने लगे।

बोस्निया और हर्जेगोविना की प्रसिद्ध बास्केटबाल खिलाड़ी रजीजा मुजानोविक और प्रसिद्ध गायिका सलमा मुहेदिनोविक को योग का ब्रांड अम्बैसडर नियुक्त किया गया जिसका स्थानीय लोगों ने भारी स्वागत किया। इन ब्रांड अम्बैसडरों ने सरायावो शहर में योग के आसन दिखाए। इस कार्यक्रम से जेनिका शहर के मेयर इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने वहां के नैशनल थियेटर में योग और भारतीय सांस्कृतिक कार्यक्रम दोबारा आयोजित करने का निमंत्रण दे दिया।

हंगरी के विभिन्न शहरों में योग के कार्यक्रम 22 से 24 जून तक आयोजित किये जाएंगे जिनमें भाग लेने के लिये लोग उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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