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फंस गए नवाज, सुप्रीम कोर्ट ने दिया JIT बनाने का आदेश

नवाज शरीफ

इस्लामाबाद। पनामा पेपर मामले में पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को खंडित आदेश दिया है। अदालत ने घोटाले में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनके परिजनों की भूमिका की जांच के लिए संयुक्त जांच टीम गठित करने का आदेश दिया है। टीम यह जांच करेगी कि शरीफ परिवार ने धन का हस्तान्तरण कैसे किया। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट से मिली।





समाचार पत्र डॉन के अनुसार, न्यायमूर्ति आसिफ सईद खोसा, न्यायमूर्ति गुलजार अहमद, न्यायमूर्ति एजाज अहमद खान, न्यायमूर्ति अजमत सईद और न्यायमूर्ति इजाजुल अहसान के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने पाकिस्तान की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों की ओर से दी गई दलीलों और सबूतों की जांच की। इन पार्टियों ने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के दौरान नवाज शरीफ और उनके परिजनों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। आरोप लगाने वाली पार्टियों में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ, जमात-ए-इस्लामी, वतन पार्टी और ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग शामिल हैं।

दो न्यायाधीशों ने नवाज शरीफ के खिलाफ आदेश दिया

पीठ ने कहा कि शरीफ को प्रधानमंत्री पद से हटाने के ‘नाकाफी सबूत’ हैं, लेकिन आदेश दिया कि 67 साल के शरीफ और उनके दो बेटे – हसन एवं हुसैन – जेआईटी के सामने पेश होंगे। पांच सदस्यीय खंडपीठ में तीन न्यायाधीशों ने संयुक्त जांच दल के गठन का आदेश दिया, जबकि दो न्यायाधीशों न्यायमूर्ति खोसा और न्यायमूर्ति गुलजार ने नवाज शरीफ के खिलाफ आदेश दिया। ये दोनों न्यायाधीश नवाज शरीफ को बर्खास्त करने के पक्ष में थे।

540 पृष्ठों के फैसले में अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो के अध्यक्ष जांच में सहयोग करने में विफल रहे, जबकि संघीय जांच एजेंसी सफेदपोश अपराधियों पर शिकंजा कसने में विफल रही। यही वजह है कि संयुक्त जांच दल के गठन की जरूरत हुई है।

जांच टीम को 60 दिनों के भीतर देनी है अपनी रिपोर्ट

संयुक्त जांच दल में फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी, नेशनल एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो, सिक्यूरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन, और मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारी शामिल होंगे और जांच टीम 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

नवाज की बेटी और दो बेटों हसन और हुसैन ने अपनी विदेशी कंपनियों का इस्तेमाल लंदन में संपत्ति खरीदने में किया

विदित हो कि यह घोटाला पनामा स्थित लॉ फर्म मोसेक फोंसेका के दस्तावेज लीक होने से उजागर हुआ है। लीक दस्तावेजों से पता चला है कि नवाज शरीफ की बेटी मरयम और दो बेटों हसन और हुसैन ने अपनी विदेशी कंपनियों का इस्तेमाल लंदन में संपत्ति खरीदने में किया। हालांकि नवाज शरीफ ने आरोपों को सिरे से खारिज किया था, जबकि अदालत ने गत साल के अंत में शरीफ परिवार की विदेश में संपत्ति की जांच पर सहमति जताई थी, क्योंकि विपक्षी नेता इमरान खान ने सड़क पर उतरकर विरोध जताने की धमकी दी थी।

अदालत के फैसले के बाद नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज जश्न मना रही है। सुप्रीम कोर्ट के बाहर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संवाददाताओं से कहा, “ हम हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। आज के फैसले से साबित हो गया है कि विरोधियों द्वारा अदालत में दिए गए सबूत काफी नहीं थे। हम सफल रहे।”

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