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सुषमा ने कहा, लापता मौलवियों को जल्द लौटाए पाकिस्तान

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज

नई दिल्ली। पाकिस्तान यात्रा पर गए हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह के दो मौलवियों के वहां गुम हो जाने का मामला दोनों देशों के बीच गरमाने लगा है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान सरकार से दो टूक शब्दों में कहा है कि वह लाहौर में लापता हुए दोनों मौलवियों को भारत को लौटा दे। सुषमा ने इस बाबत ट्वीट कर यह जानकारी दी कि उन्होंने पाकिस्तान के समक्ष यह मामला उठाया है।





मौलवी आसिफ निजामी के पुत्र आमिर ने भी केंद्र सरकार से इस मामले में अविलंब कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि मौलवी आसिफ निजामी और उनके भाई नाजिम निजामी धार्मिक यात्रा पर पाकिस्तान गए थे, लेकिन बीते बुधवार को वे लापता हो गए।

पाकिस्तान में भारतीय राजदूत ने भी वहां के विदेश मंत्रालय में इस संबंध में गुरुवार शाम कड़ी शिकायत दर्ज कराई। सूत्र आशंका जता रहे हैं कि दोनों मौलवियों को वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने उठाया है, लेकिन इसका कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, ‘हमने इस मुद्दे को पाकिस्तान की सरकार के सामने उठाया है और उनसे आग्रह किया है कि दोनों भारतीय नागरिकों के संबंध में जानकारी दें।’

दो भारतीय मौलाना का पाकिस्तान में कोई अता पता नहीं

उधर, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने बीबीसी से कहा कि भारत सरकार ने पाकिस्तान से अपने दो नागरिकों के बारे में जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संबद्ध अधिकारियों को कार्रवाई करने का निर्देश दे दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि निजामुद्दीन दरगाह के दो मौलाना आसिफ निजामी और नजीम निजामी पाकिस्तानी के दाता दरगाह पर गए थे और उन्हें भारत लौटने के लिए बुधवार को कराची से विमान में सवार होना था।

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, आसिफ को कराची जाने दिया गया था, जबकि जरूरी दस्तावेज नहीं होने पर नाजिम को लाहौर हवाई अड्डे पर रोक दिया गया था।

उल्लेखनीय है कि आसिफ और नाजिम दाता दरगाह पर जियारत करने के लिए जाने से पहले गत 8 मार्च को अपने रिश्तेदारों से मिलने कराची गए थे। एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत नई दिल्ली की निजामुद्दीन दरगाह और लाहौर की दाता दरगाह के मौलाना नियमित रूप से दोनों देशों में आते जाते रहते हैं।

उधर, दाता दरगाह के एक प्रबंधकर्मी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बीबीसी से कहा कि करीब चार दिन पहले निजामुद्दीन दरगाह के गद्दीनशीन मौलाना सरवर चिश्ती अपने साथियों के साथ यहां आए थे। वे साल में तीन-चार बार यहां जियारत करने आते हैं। लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आसिफ और सरवर चिश्ती एक ही व्यक्ति हैं।

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