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पाकिस्तान ICJ को कुलभूषण की जानकारी देने को तैयार

हेग: जासूसी के आरोप में पाकिस्तानी सैन्य अदालत से फांसी की सजा पाए भारत के पूर्व नौसेना अफसर कुलभूषण जाधव के मामले में इंटरनेशनल कोर्ट में अगली सुनवाई 15 मई को होगी। कुलभूषण को बीते आठ मई को फांसी की सजा सुनाई गई थी जिसके खिलाफ भारत ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में अपील की थी। पाकिस्तान कुलभूषण जाधव से जुड़ी जानकारी इंटरनेशनल कोर्ट को देने के लिए तैयार है। फिलहाल कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है। भारत की अपील पर इंटरनेशनल कोर्ट ने पाकिस्तान से कुलभूषण जाधव की फांसी तब तक रोकने को कहा है जब तक न्याय की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है।





कुलभूषण मामले में एमनेस्टी ने पाकिस्तान को लताड़ा

बीबीसी के मुताबिक, पाकिस्तान की सेना ने बुधवार को साफ़ किया कि कुलभूषण जाधव को फांसी की सज़ा के मामले में इंटरनेशनल कोर्ट के किसी भी सवाल का जवाब उचित स्तर पर ज़रूर दिया जाएगा। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ़ ग़फ़ूर ने कहा कि कुलभूषण जाधव को सैन्य अदालत ने क़ानूनी प्रक्रिया के बाद सज़ा सुनाई है। उन्होंने कहा कि अगर जाधव के बारे में इंटरनेशनल कोर्ट पाकिस्तान से कुछ भी मांगती है तो उचित स्तर पर इसका जवाब दिया जाएगा।

26/11 की सुनवाई पूरी नहीं और कुलभूषण पर जल्दबाजी !

इस मामले में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ से बात की है। इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज़ ने कहा था, “पाकिस्तान इंटरनेशनल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र के बारे में जांच कर रहा है। इस मामले में विदेश मंत्रालय एक या दो दिन में अपना बयान जारी करेगा।” वहीं पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा मोहम्मद आसिफ़ ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि प्रायोजित चरमपंथ से ध्यान हटाने के लिए भारत कुलभूषण जाधव की फांसी की सज़ा को मुद्दा बना रहा है।

कहां है कुलभूषण, पाकिस्तान ने भारत को यह भी नहीं बताया

भारत ने इंटरनेशनल कोर्ट में की गई अपील में पाकिस्तान पर विएना संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया है। भारत ने कहा है कि कुलभूषण जाधव ईरान में व्यापार कर रहे थे जहां से उन्हें अगवा किया गया था। लेकिन पाकिस्तान का दावा है कि उन्हें 3 मार्च 2016 को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था और गत अप्रैल महीने में पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने उन्हें फांसी की सज़ा सुनाई थी।

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