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ISI के पूर्व प्रमुख के खिलाफ जांच के आदेश, नहीं जा सकते देश छोड़कर 

असद दुर्रानी

इस्लामाबाद। पाकिस्तान खुफिया एजेंसी ISI के पूर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) असद दुर्रानी के लिए किताब लिखना भारी पड़ गया। असद दुर्रानी द्वारा किए गए खुलासों पर कोर्ट ऑफ इनक्वायरी (जांच) के आदेश दे दिए गए हैं। इतना ही नहीं उनका नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ECL) में डालने की तैयारी है। ECL लिस्ट में किसी का नाम आने का मतलब है कि वह देश छोड़कर नहीं जा सकता। बता दें कि असद दुर्रानी और रॉ के पूर्व प्रमुख जनरल एएस दुलत ने हार्पर कोलिंस द्वारा प्रकाशित पुस्तक The Spy Chronicles: RAW, ISI and the Illusion of Peace सीनियर भारतीय पत्रकार आदित्य सिन्हा के साथ मिल कर लिखी है। इस पुस्तक का विमोचन चंद रोज पहले नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में हुआ था। दुर्रानी अगस्त 1990 से मार्च 1992 तक ISI के प्रमुख रहे।





पाकिस्तानी सेना ने किताब के बारे में असद दुर्रानी को उनका रुख बताने के लिए 28 मई को जनरल हेक्वाटर्स में बुलाया था। सेना के मीडिया प्रभाग इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के एक बयान के मुताबिक मामले की विस्तार से जांच के लिए सेवारत लेफ्टिनेंट जनरल की अगुआई में एक औपचारिक कोर्ट ऑफ इनक्वायरी का आदेश दिया गया है। सेना ने गृह मंत्रालय से दुर्रानी का नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ECL) में डालने का भी अनुरोध किया है।

किताब के आने से पाकिस्तान में सियासी भूचाल आ गया है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने तीन दिन पहले राष्ट्रीय सुरक्षा कमेटी की आपात बैठक बुलाने की मांग की थी। उन्होंने ऐसे मामलों की जांच के लिए आयोग के गठन की मांग भी की थी। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। किताब सामने आने के बाद से सेना के कुछ सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों ने भी दुर्रानी की आलोचना की है।

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