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18 जवानों को मारने वाले की मौत, कई हमलों का मास्टरमाइंड

एसएस खापलांग

असम। नगा विद्रोही समूह एनएससीएन-(के) के अध्यक्ष एसएस खापलांग का शुक्रवार रात म्यांमार के कचिन राज्य के टक्का में निधन हो गया। मणिपुर में सेना के 18 जवानों को मारने सहित सुरक्षा बलों पर कई हमलों के मास्टरमाइंड रहे खापलांग की उम्र 77 साल थी। उनका निधन दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुआ। वह लंबे समय से मधुमेह रोग से पीड़ित थे।





  • सेना के काफिले पर घात लगाकर हमला तब किया था जब वह केंद्र सरकार के एक वार्ताकार के साथ शांति वार्ता कर रहा था

खापलांग का अधिकतम समय म्यांमार में ही गुजरा। सूत्रों के अनुसार वह कुछ दिनों पहले चीन में इलाज कराकर भारत-म्यांमार सीमा के करीब पांगसाऊ पास गांव के वाकथाम अपने जन्म स्थान जाने वाले थे। खापलांग के निधन के बाद एनएससीएन (खापलांग) के डिप्टी खांगो कोन्याक को नया अध्यक्ष चयनित किया गया है।

  • वह छापामार लड़ाई द्वारा भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्से और म्यांमार के हिस्से को मिलाकर अलग देश ‘नगालिम’ की हसरत पाले बैठे हुए थे। एक तरीके से उस हिस्से में अशांति उनके कारण ही थी। माना जा रहा है की इनकी मौत के बाद नगा विद्रोही नेतृत्वविहीन हो गए हैं।

मणिपुर में चार जून 2015 को घात लगाकर किए गए हमले में एनएससीएन-के का हाथ था। इस हमले में सेना के 18 जवान मारे गए थे। इस घटना के बाद भारतीय सेना ने सीमा पार जा कर म्यांमार के अंदर स्थित एनएससीएन-के के शिविरों पर हमला किया जिसमें कई उग्रवादी मारे गए थे।

इस गुट ने सेना के काफिले पर घात लगाकर हमला तब किया था जब वह केंद्र सरकार के एक वार्ताकार के साथ शांति वार्ता कर रहा था। इसके बाद सरकार ने बातचीत बंद कर दी और सितंबर 2015 में एनएससीएन-के को पांच साल के लिए प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया।

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