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यूएस के लिए खतरा है उत्तर कोरिया की ये मिसाइल: किम जोंग

वॉशिंगटन। अमेरिका की तमाम कोशिशों और चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए उत्तर कोरिया ने एकबार फिर अंतरमहाद्वीपीय बैलिसिटिक मिसाइल (ICBM) का परीक्षण किया है। उत्तर कोरिया का दावा है कि अब पूरा अमेरिका उसके मिलाइलों की जद में आ गया है। प्योंगयांग की आधिकारिक मीडिया का दावा है कि यह मिसाइल पूरे अमेरिका पर हमला करने में सक्षम है। उत्तर कोरिया का कहना है कि इस मिसाइल परीक्षण को अमेरिका के लिए सख्त चेतावनी के तौर पर देखा जाना चाहिए।





किम जोंग ने दी अमेरिका को चेतावनी

उत्तर कोरिया की आधिकारिक न्यूज एजेंसी केसीएनए के मुताबिक किम जोंग उन (उत्तर कोरिया के शासक) ने कहा, ‘यह अमेरिका के लिए चेतावनी है कि अगर उसने हमला करने का प्रयास किया तो वही तबाही से सुरक्षित नहीं रहेगा।’

बता दें कि यह इस महीने का दूसरा मौका है जब उत्तर कोरिया ने मिसाइल परीक्षण किया है। इससे पहले चार जुलाई को भी उसने परीक्षण किया था। उत्तर कोरिया ने बताया कि आईसीबीएम ने 47 मिनट और 12 सेकेंड के लिए उड़ान भरी और 3,724.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंच गई। इस मिसाइल को मुपयोंग नी से लॉन्च किया गया है और इसने 1,000 किसी की दूरी तय की। इसके बाद वह जापान सागर में गिर गई।

उत्तर कोरिया ने अंतर्राष्ट्रीय दबावों के बावजूद यह मिसाइल परीक्षण किया है। अमेरिकी रक्षा मुख्यालय के पेंटागन प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि भी की है। यूरोपियन यूनियन ने विश्व की शांति के लिए खतरनाक बताया है। बता दें कि हाल ही में अमेरिकी कांग्रेस ने रूस, ईरान और उत्तर कोरिया पर सख्त पाबंदी लगाए जाने के लिए वोट किया है।

इस परीक्षण के साथ ही उत्तर कोरिया ने इस साल 12वीं बार मिसाइल परीक्षण किया।

  • दक्षिण कोरियाई न्यूज एजेंसी यॉन्हूफ के मुताबिक, इस मिसाइल की जद में अमेरिका के लॉस एजिलिस (LA) सहित कई दूसरे शहर भी आ सकते हैं।
  • मिसाइल परीक्षण की जानकारी मिलने के बाद जापान के प्रधानमंत्री शिन्जो अबे ने देश के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की मीटिंग बुलाने का फैसला किया। शिन्जो अबे ने कहा कि हम विश्लेषण करेंगे और देश के लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएंगे।
  • पेंटागन ने उत्तर कोरिया के मिसाइल को लेकर कहा कि 45 मिनट की उड़ान में 600 मील की दूरी तय की और जापान के होकाइदो द्वीप के पश्चिम में गिरा।
  • यह एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिसिटिक मिसाइल (ICBM) था। पिछली मिसाइल की तुलना में इसकी उड़ान छह मिनट ज्यादा रही। पिछली मिसाइल का परीक्षण 4 जुलाई को किया गया था।

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