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परमाणु हथियार भी ले जा सकेगी उ. कोरिया की मिसाइल

उत्तर कोरिया

सोल। उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के बावजूद अपने मिसाइल प्रक्षेपण के दौरान नए तरह के मिसाइल यानी मध्यम-लंबी दूरी की मारक क्षमता वाले रणनीतिक बैलिस्टिक मिसाइल ह्वासोंग-12 का परीक्षण किया है। सूत्रों की मानें तो, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने स्वयं इस मिसाइल प्रक्षेपण कार्यक्रम पर नजर रखी। यह जानकारी दक्षिण कोरियाई सेना ने दी। रविवार को किए मिसाइल प्रक्षेपण के बाद उत्तर कोरिया ने दावा किया गया है कि ये एक नए तरह का रॉकेट है जो परमाणु वॉरहेड ले जाने में सक्षम है।





उत्तर कोरिया ने मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में किया है जब पिछले दिनों दक्षिण कोरिया में मून जे-इन ने राष्ट्रपति पद संभाला है और उन्होंने कोरियाई प्रायद्वीप में शांति के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की थी। दक्षिण कोरिया और जापान ने ताज़ा परीक्षण की निंदा की है। कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक़, राष्ट्रपति मून जे-इन ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए अपनी सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है। मिसाइल परीक्षण पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि उत्तर कोरिया के साथ बड़ा संघर्ष हो सकता है। लेकिन उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे का कूटनीतिक हल निकालने को प्राथमिकता देंगे।

वहीं, उत्तर कोरिया का मानना है कि उसे आत्मरक्षा के लिए परमाणु हथियारों की आवश्यकता है और ये टेस्ट नए विकसित किए गए बैलिस्टिक रॉकेट की काबिलियत को परखने के लिए किया गया। लेकिन समझा जा रहा है कि उत्तर कोरिया अपने टारगेट तक परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम मिसाइल विकसित करना चाहता है।

अमेरिका भड़का

गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के बावजूद पिछले दो सप्ताह में उत्तर कोरिया का ये दूसरा मिसाइल परीक्षण है, इससे दोनों ही देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है, जिसके कारण संघर्ष की आशंका बढ़ती दिख रही है।

आपको बता दें कि आसमान की ओर दागा गया मिसाइल दो हजार किलोमीटर की ऊंचाई तक गया तथा 700 किमी की दूरी तय करने के बाद जापान के पश्चिमी सागर तट पर जाकर गिरा, जबकि रक्षा विशेषज्ञों का मानना हे कि यदि इसे आसमान की बजाय धरती के समानांतर दागा जाए, तो ये चार हजार किलोमीटर तक जा सकती है। उत्तर कोरिया ने अभी तक किसी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल या ‘आईसीबीएम’ का परीक्षण नहीं किया है, जो छह हजार किमी तक मार कर सके।

अमेरिका के हवाई द्वीप में एयर डिफेंस कमीशन के प्रवक्ता के अनुसार, इस मिसाइल से प्रशांत महासागर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को कोई क्षति नहीं पहुंची है। प्रशांत महासागर में मित्र देशों के लिए गौम में अमेरिका का सैन्य ठिकाना है। इस बैलिस्टिक मिसाइल की गति का जायजा लिया गया। इसकी उड़ान एक लय में नहीं थी। मिसाइल ने 1245 मील की उंचाई से उड़ान भरी और इसे 430 मील की दूरी तय करने में आधे घंटे का समय लगा। इससे पहले उत्तर कोरिया ने 20 अप्रैल को बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था, जो बीच में ही फुस्स हो गई थी।

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