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उत्तर कोरिया ने दागीं 4 एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें

उत्तर कोरिया

सोल। उत्तर कोरिया ने बृहस्पतिवार को एक साथ चार एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों का परीक्षण कर अमेरिका को एक बार फिर चुनौती दी है। इस परीक्षण से क्षेत्र में पहले से बने तनाव में और वृद्धि होने की आशंका है।





बीबीसी के अनुसार, दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा कि उत्तर कोरिया ने अपने पूर्व तट से इन एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों का प्रक्षेपण किया, जो करीब 200 किमी दूर उड़ान भरने के बाद पूर्व सागर (जापान सागर) में गिर गईं। यह वह जगह है जहां अमेरिकी जंगी बेड़े USS Carl Vinson और USS Ronald Reagon ने इसी हफ्ते सैन्य अभ्यास किया था। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ का मानना है कि उत्तर कोरिया ने गंगवोन प्रांत के वॉनसन इलाके से जमीन से युद्धपोत पर मार करने वाली क्रूज मिसाइलों का प्रक्षेपण किया।

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  • दक्षिण कोरिया में उदारवादी मून जाई-इन के सत्ता आने के बाद उत्तर कोरिया की ओर से यह पांचवीं बार मिसाइल परीक्षण है

दक्षिण कोरिया ने एक बयान जारी कर कहा, “उत्तर कोरिया की ओर से किसी भी तरह की उकसावे की कार्रवाई की संभावना के चलते हमारी सेना ने सतर्कता और निगरानी बढ़ा दी है।’ दक्षिण कोरिया में उदारवादी मून जाई-इन के सत्ता आने के बाद उत्तर कोरिया की ओर से यह पांचवीं बार मिसाइल परीक्षण किया गया है। इस परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है। वहीं, अभी तक अमेरिका की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

हाल ही में अमेरिका ने अपने जंगी बेड़े यूएसएस कार्ल विंसन और यूएसएस रोनाल्ड रीगन को कोरियाई प्रायद्वीप के समुद्र में भेजा था। इन दोनों जंगी बेड़ों ने जापान सागर में सैन्य अभ्यास किया था, जिससे चिंतित उत्तर कोरिया ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी थी। उत्तर कोरिया ने कहा था कि वह युद्ध के कगार पर खड़ा है। लिहाजा अब उत्तर कोरिया अमेरिका से निपटने के लिए और घातक हथियार विकसित करेगा।

दरअसल, अमेरिका हर हाल में उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को बंद कराना चाहता है, लेकिन उसकी लाख कोशिश के बावजूद उत्तर कोरिया अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को बंद नहीं कर रहा है। अब उसने मिसाइल परीक्षण की रफ्तार और भी तेज कर दी है।

हालांकि नये मिसाइल परीक्षणों पर अमेरिका ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन बताया जा रहा है कि ये मिसाइलें अमेरिका तक युद्ध करने में सक्षम नहीं हैं।

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