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थाइलैंड की गुफा से बच्चों को बाहर निकालने में जानिए इन भारतीयों ने की कैसे मदद

Thailand-Rescue

पुणे। थाइलैंड की गुफा में फंसे बच्चों को बाहर निकालने के लिए कई दिन चला रेस्क्यू ऑपरेशन (बचाव अभियान) पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। क्या आप जानते हैं इस रेस्क्यू ऑपरेशन टीम में दो भारतीय थे। जी हां, महाराष्ट्र के सांगली जिले के रहने वाले प्रसाद कुलकर्णी और पुणे निवासी इंजीनियर श्याम शुक्ला उस टीम का हिस्सा थे जिसने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए दिन-रात एक कर दिया।





प्रसाद शुक्ला और श्याम शुक्ला पंप बनाने वाली किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड की सात सदस्यीय टीम का हिस्सा थे जिन्हें थाइलैंड ने गुफा से पानी निकालने की जिम्मेदारी थी। इस सात सदस्यीय टीम में एक नीदरलैंड, एक आयरलैंड का निवासी भी था। बाकी तीन लोग थाइलैंड के थे।

इस टीम को 5 जुलाई को चार किलोमीटर लंबी गुफा से पानी निकालने की जिम्मेदारी दी गई। बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए जरूरी था कि किसी भी तरह से गुफा से पानी निकाला जाए। खराब मौसम, चार किलोमीटर लंबी गुफा और उसमें भी 90 डिग्री तक के मोड़। ऐसे में पानी निकालना निश्चित ही बेहद कठिन काम था। एक अखबार के साथ बातचीत में प्रसाद कुलकर्णी बताते हैं, हमें गुफा से पानी निकालने का काम सौंपा गया। बारिश लगातार हो रही थी जिसकी वजह से पानी का स्तर कम ही नहीं हो रहा था। जैनरेटर से पावर सप्लाई भी निरंतर नहीं मिल रही थी। इसलिए छोटे पंपों का इस्तेमाल करना पड़ा।

कुलकर्णी के मुताबिक बचाव टीम को निराश करने की हद तक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। गुफा में अंधेरा और बेहद नमी थी। गुफा ऐसी जगह थी कि स्कूबा डाइवर्स भी मदद नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में सिर्फ पंप के सहारे ही कुछ किया जा सकता था।

इंजीनियर श्याम शुक्ला के मुताबिक चूंकि गुफा बहुत संकरी और जमीन उबड़-खाबड़ थी इसलिए बच्चों तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण थी लेकिन अंततः मानवीय जज्बे के सामने कठिनाइयों की हार हुई। और गुफा से पानी निकाल लिया।

बच्चों को बचाने के इस अभियान में भारत के योगदान की प्रशंसा थाइलैंड के राजदूत ने भी की।

 

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