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नेपाल से लापता पाकिस्तानी कर्नल ने पकड़वाया था कुलभूषण जाधव को ?

कुलभूषण जाधव-हबीब

नई दिल्ली। भारत के पूर्व नेवी आफिसर कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद रहस्योद्घाटन हुआ है कि पाकिस्तान की जिस टीम ने पिछले साल कुलभूषण को पकड़ा था, उसमें नेपाल के लुम्बिनी से कथित रूप से लापता पाकिस्तान के रिटायर्ड कर्नल मोहम्मद हबीब भी शामिल थे। दूसरी तरफ पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि हबीब भारतीय खुफिया एजेंसी रा (R&AW) की की हिरासत में है। हालांकि, भारत सरकार की तरफ से ऐसी कोई जानकारी नहीं आई है कि हबीब रा की हिरासत में है।





इस बीच एक अंग्रेजी अखबार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि हबीब काफी वक्त से कुलभूषण पर नजर रखे हुए था। यहाँ तक कि कुलभूषण जब अपने परिवार से मराठी में बात करते थे तो हबीब उनकी बातचीत पर कान गड़ाए रहता था। हबीब की मदद से ही पाकिस्तान की टीम ने कुलभूषण को गिरफ्तार किया था।

हबीब के परिवार वालों ने किडनैप किए जाने का शक जताया 

दूसरी तरफ, रिटायर्ड कर्नल मोहम्मद हबीब के परिवार वालों ने कहा है कि उनको किडनैप किया गया है और इसमें दुश्मन देश की जासूसी एजेंसियों का हाथ है। पाकिस्तान में भारत की जासूसी एजेंसियों को अक्सर दुश्मन देश की जासूसी एजेंसियां कहकर पुकारा जाता है। पाकिस्तान सेना का पूर्व अधिकारी कर्नल मोहम्मद हबीब नेपाल में कथित रूप से एक नौकरी के लिए इंटरव्यू देने के लिए गया था। लेकिन नेपाल के लुम्बिनी शहर पहुंचकर वह गायब हो गया है। मोहम्मद हबीब के परिवार वालों ने इस बाबत रावलपिंडी के रावत पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करवाई है।

मोहम्मद हबीब के बेटे साद हबीब ने कहा, ‘मुझे शक है कि मेरे अब्बा को अगवा कर लिया गया है और इसके लिए दुश्मन की जासूसी एजेंसियां जिम्मेदार हो सकती हैं। समाचार एजेंसी के मुताबिक साद ने बताया कि उसके पिता को जावेद अंसारी नाम का एक शख्स नेपाल में मिला जो उन्हें लुम्बिनी ले गया था। लुम्बिनी भारत नेपाल सीमा के नजदीक स्थित नेपाल का एक शहर है।

हबीब पाकिस्तानी सेना से अक्टूबर 2014 में रिटायर हुआ था

खबरों के अनुसार, हबीब पाकिस्तानी सेना से अक्टूबर 2014 में रिटायर हुआ था और पाकिस्तान आर्मी के तोप विभाग में काम करता था। आर्मी से रिटायर होने के बाद मोहम्मद हबीब एक निजी फर्म में काम कर रहा था। हबीब ने नेपाल में नौकरी के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया था। इसके बाद मार्क थॉम्पसन नाम के शख्स ने हबीब से टेलीफोन और ईमेल के जरिए संपर्क किया था और उसे इंटरव्यू देने आने के लिए हवाई टिकट भी मुहैया कराया था। हबीब ने अपने घरवालों को अपने आखिरी संदेश में बताया था वह अपने ठिकाने पर पहुंच चुका है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद नफीस जकारी ने नेपाली अधिकारियों से हबीब की गुमशुदगी के सिलसिले में जांच करने को कहा है।

कुलभूषण जाधव को तुरंत फांसी नहीं देगा पाकिस्तान

शुरुआती जांच में पता चला है कि कंप्यूटर से ब्रिटेन का एक नंबर जेनरेट किया गया था, जबकि जिस ईमेल और वेबसाइट से उसे मैसेज भेजा गया था वह भारत में रजिस्टर्ड है। पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने शक जताया है कि किसी दुश्मन देश की एजेंसी ने मोहम्मद हबीब को फंसाने के लिए ये जाल बिछाया था।

भारतीय सीमा पर अलर्ट जारी

नेपाल पुलिस के केंद्रीय प्रवक्ता सर्वेन्द्र खनाल ने हबीब की खोज तलाश के लिए एक टीम का गठन किया है। फिलहाल नेपाल पुलिस के विशेष ब्यूरो क्षेत्रीय कार्यालय पोखरा एवं जिला पुलिस रुपनदेही की पुलिस खोज में जुटी हुई है। बताया गया है क़ि पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने नेपाल स्थित पाक दूतावास को यह जानकारी दी।

इधर, हबीब के रहस्यमय ढंग से गायब होने के बाद भारतीय खुफिया विभाग की नींद उड़ी हुई है। सीमा पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। यह अभी खुलासा नहीं हुआ है क़ि हबीब के भगवान बुद्ध की जन्म भूमि लुम्बनी आने का मकसद क्या था। बता दें क़ि काठमांडू का पाकिस्तानी दूतावास भारत विरोधी गतिविधियों के लिए चर्चा में रहा है। इसलिए इसे सहजता से नहीं लिया जा सकता।

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