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जानिए क्या है अमेरिका का ‘मदर ऑफ़ ऑल बॉम्ब्स’

नई दिल्ली: अमेरिका ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर स्थित नंगरहार प्रांत के अचिन जिले में आईएस के ठिकाने पर जिस बम को दागा है वह ‘मदर ऑफ़ ऑल बॉम्ब्स’ (Mother of all bombs-MOAB) के नाम से जाना जाता है। अमेरिका द्वारा इस बम के इस्तेमाल से दुनिया अवाक है। आइए हम आपको बताते हैं MOAB की खासियत के बारे में:





वास्तविक नाम: जीबीयू-43/बी मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट (एमओएबी)

बम श्रेणी: थर्मोबेयरिक श्रेणी

वजन: 9797 किलोग्राम

लंबाई: 9.19 मीटर

अमेरिका ने अफगानिस्तान में दागा ‘मदर ऑफ़ ऑल बॉम्ब्स’, दुनिया भौंचक

अनुमानित कीमत: 1.03 अरब और विकसित करने में आया खर्च: 30 करोड़ डॉलर

निर्माण: अमेरिकी एयरफोर्स रिसर्च लैबोरेटरी के वैज्ञानिक अल्बर्ट एल वेल्मोटर्स जूनियर ने बनाया था

परीक्षण: पहला परीक्षण 11 मार्च 2003 को और दूसरा परीक्षण 21 नवंबर, 2003 को

एमओएबी

जीबीयू-43/बी मैसिव आर्डिनेंस एयर ब्लास्ट से 11 टन विस्फोटक ऊर्जा (टीएनटी) के बराबर विस्फोटक होता है और इससे अधिकतम 150 मीटर का विस्फोटक घेरा बनता है। इसका इस्तेमाल भूमिगत और बड़े क्षेत्र में फैले लक्ष्यों को एक साथ नष्ट करने के लिए किया जाता है। इसे बड़े कार्गो विमानों से ही लांच किया जाता है। खासकर इसे एमसी-130ई कॉम्बैट टैलन प्रथम या एमसी-13एच कॉम्बैट टैलन द्वितीय बड़े लड़ाकू विमानों से पैराशूट के जरिए गिराया जाता है।

एमओएबी

यह जीपीएस के जरिए तय किए गए लक्ष्य तक पहुंचता है और बड़े क्षेत्र को तबाह करने के लिए यह जमीन से 1.8 मीटर ऊपर फटता है। फटने के बाद यह क्षेत्र में ऑक्सीजन को खत्म कर देता है और सैकड़ों मीटर दूर तक लोगों का दम घुटने लगता है। इस बम के हमले से उत्पन्न उच्च तापमान की ताकतवर तरंगें 1.60 किलोमीटर दूर तक जाती हैं। इन तरंगों के रास्ते में जो भी चीज आती है वह ध्वस्त हो जाती है।

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