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बैटल ऑफ कोहिमा की 75वीं सालगिरह पर जापानी राजदूत हुए शरीक

जापान के राजदूत केंजी हीरामात्सु

नई दिल्ली। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान  कोहिमा युद्ध के नाम से प्रसिद्ध जापानी और  ब्रिटिश फौज के बीच हुई लड़ाई  की 75वीं सालगिरह पर कोहिमा में आयोजित  समरोह में भाग लेने जापान के राजदूत केंजी हीरामात्सु शऱीक हुए।





इस मौके पर जापानी राजदूत ने नगालैड सहित भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों के साथ जापान सरकार विशेष रिश्ते बनाने की जापान सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर की। इस दौरान  राजदूत हीरामात्सु ने कहा कि ऐसे मौकों पर मेलजोल गहरा कने का अवसर मिलता है।

गौरतलब है कि बर्मा पर कब्जा जमाने के बाद जापानी फौज नई दिल्ली की ओर कूच करना चाहती थी लेकिन कोहिमा में  ब्रिटिश सेना ने रोक लिया। जापानी सैनिकों को श्रद्धांजलि के मौके पर आयोजित समारोह में राजदूत ने शहीद सैनिकों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर  नगालैंड के मुख्य मंत्री न्येफ्यू रियो और ब्रिटेन के उच्चायुक्त डोमिनिक अस्किथ भी मौजूद थे।

इस समारोह के पहले जापानी राजदूत ने कोहिमा युद्ध स्मारक पर अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस मौके पर राजदूत हीरामात्सु ने उन लोगों को पुरस्कृत किया जो  युद्धअवशेशों की खोज में अपना जीवन बिता रहे हैं।

कोहिमा युद्ध 1944 में लड़ा गया था। नई दिल्ली पर कब्जा करने की मंशा पूरी करने के लिये जरूरी था कि जापानी फौज  पहले कोहिमा पर अपना कब्जा जमाए। लेकिन ब्रिटिश और राष्ट्रमंडल देशों ने जापानी फौज को कोहिमा से आगे नहीं बढ़ने दिया। इस दौरान सैंकड़ो जापानी सैनिक शहीद हुए। इनकी याद में एक स्मारक कोहिमा में बना है।

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