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रूस का दावा- इस बार सच में मारा गया बगदादी

अबुबकर-अल-बगदादी

मॉस्को। एक ऐसा शख्स जो दूसरों को तो मौत देता है पर खुद की मौत को छलावा बनाकर रखा हुआ है। शुक्रवार को एक बार फिर खबर आई कि दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी और आईएस का सरगना अबु बकर अल बगदादी हवाई हमले में मारा गया। इस बार आईएस सरगना बगदादी की मौत पर मुहर रूस की सरकारी समाचार एजेंसी स्पूतनिक ने लगाई है। रूसी रक्षा मंत्रालय इस सूचना की जांच भी कर रहां है।





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दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी और IS सरगना अबु बकर अल बगदादी (फाइल फोटो)

BBC के अनुसार, रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि गत 28 मई को किए गए रूस के हवाई हमले में आईएस के सरगना अबू बक्र अल बगदादी और उसके करीब 330 लड़ाके मारे गए थे। रूसी रक्षा मंत्रालय के एक बयान के हवाले से कहा गया है कि रक्का में आयोजित सैन्य परिषद की बैठक में आईएस के 30 कमांडर और करीब 300 लड़ाके मौजूद थे। इसके अलावा विभिन्न सूत्रों से भी इस बात की पुष्टि की गई है कि उस बैठक में बगदादी भी उपस्थित था, इसलिए माना जा रहा है कि रूसी हमले में बगदादी भी मारा गया।

मंत्रालय की ओर से यह भी कहा गया कि उत्तरी सीरिया में आईएस की कथित राजधानी रक्का में उसके सैन्य परिषद की बैठक को लक्षित कर हमले किए गए थे। हालांकि बगदादी के मारे जाने की पहले भी कई बार खबर आ चुकी है, लेकिन इस बार सूचना सही है या नहीं यह जांच से ही पता चलेगा।

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आईएस प्रमुख बगदादी की पुरानी तस्वीर 

कब-कब आई बगदादी की मौत की खबर

यह कोई पहली बार नहीं है कि जब बगदादी से जुड़ी सनसनीखेज खबर सामने आई हो। इससे पहले भी करीब 5 बार उसके मरने की खबर आ चुकी है। बगदादी अमेरिका समेत कई देशों का मोस्ट वॉन्टेड और 175 करोड़ का सबसे बड़ा इनामी आतंकवादी है।

पहली मौत- 6 सितंबर 2014

इसी तारीख को बगदादी की मौत की पहली खबर दुनिया के सामने आई। यही वह समय था जब ब्रिटिश पत्रकार का गला काटने की तस्वीरें कैमरे पर रिकॉर्ड कर बगदादी ने पूरी दुनिया को दिखाया था। इसी के साथ पहली बार आईएस का क्रूर चेहरा दुनिया के सामने आया था। फिर हवाई हमले में बगदादी के मारे जाने की खबर सामने आई। लेकिन महीने भर बाद ही 13 नवंबर 2014 को बगदादी का ऑडियो सामने आया और उसने खुद की मौत को गलत साबित कर दिया।

दूसरी मौत : 27 अप्रैल 2015

पहली मौत के करीब छह महीने बाद बगदादी की मौत की दूसरी खबर आई। इस बार सीरिया के गोलन हाइट्स इलाके में बगदादी के संगठित सेना के हवाई हवाले में घायल होने की खबर आई। लेकिन इसी के बाद रेडियो ईरान ने दावा किया कि 27 अप्रैल को सीरिया के गोल्डन हाइट्स इलाके में घायल बगदादी की इजराइली अस्पताल में मौत हो गई। इराकी न्यूज एजेंसी अलगाद प्रेस और अल-युम अल-तामेन ने भी बगदादी के मरने का दावा कर दिया। इसके तीन महीने बाद जुलाई 2015 को बगदादी के जिंदा होने की बात फिर दुनिया के सामने आ गई।

तीसरी मौत- 12 अक्टूबर 2015

बगदादी की तीसरी मौत की खबर आईएस के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले अमेरिका और उसकी मित्र सेना के हवाई हमले को लेकर आई। बताया जाता है कि इस हमले में बगदादी बुरी तरह जख्मी हुआ है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि हमले के वक्त बगदादी अपने कुछ साथियों के साथ इराक और सीरिया बॉर्डर के नजदीक एक गुमनाम ठिकाने पर जा रहा था। उसी समय आईएस के काफिले पर हुए हवाई हमले में बगदादी बुरी तरह जख्मी हुआ और उसके तीन साथी मारे गए। लेकिन इस बार भी महीने भर के भीतर बगदादी की तीसरी बार मौत की खबर भी गलत साबित हुई।

चौथी मौत- 9 जून 2016

अमेरिका की अगुवाई वाली संगठित सेना को 9 जून 2016 को खबर मिली कि बगदादी कुछ दूसरे बड़े कमांडरों के साथ कारों के एक काफिले में छुप कर सीरिया से रक्का जा रहा है। इस सूचना के मिलते ही संगठित सेना मिशन पर लग जाती है। सबसे पहले सेटेलाइट की मदद से रक्का की तस्वीरें ली जाती हैं और फिर सूचना की तस्दीक होते ही ठीक उसी जगह पर बम गिराया जाता है, जहां से बगदादी की कारों का काफिला गुजरने की सूचना थी। लेकिन इसके कुछ समय बाद ही यह सामने आ गया कि बगदादी उस हमले में बच गया है।

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माना जा रहा है कि रूसी हमले में बगदादी भी मारा गया (फाइल फोटो)

पांचवीं मौत

बगदादी के खाने में जहर देकर मारे जाने की खबर आई। बताया गया कि जहर से उसकी हालत गंभीर हो गई। उसे एक अज्ञात स्थान पर रखकर उसका इलाज किया जा रहा है। कुछ सूत्रों ने दावा किया कि संभव है कि बगदादी इस घटना में मर चुका है। दावा यह भी किया गया कि उसके खाने में जहर एक लड़की ने दिया है। इस पर कुछ समय के लिए लोगों ने यकीन इसलिए भी किया कि आईएस के आतंकी बौखलाए हुए थे। जहर मिलाने वालों की सरगरमी से तलाश कर रहे थे। लेकिन इस बार भी बगदादी मौत से बच गया और उसके जिंदा होने का दावा किया जाने लगा।

कैसे पनपा आईएस (IS)

ये बगदादी और उसके आतंकी संगठन आईएस की ज़ालिमाना हरकतें ही हैं कि शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता है, जब आईएस का जिक्र न होता हो। लेकिन सवाल ये है कि आखिर ये आईएस या आईएसआईएस है क्या? कहां से आया? तो आइये अब जानते हैं- एक लंबी लड़ाई के बाद अमेरिका इराक को सद्दाम हुसैन के चंगुल से आजाद करा चुका था। पर इस आजादी को हासिल करने के दौरान इराक पूरी तरह बर्बाद हो चुका था। उसी बर्बाद इराक से 2011 तक अमेरिका अपनी सारी सेना को वापस बुला लेता है।

इराक में आतंक की जड़ें जमाने लगा था बगदादी

अमेरिकी सेना के इराक छोड़ते ही बहुत से छोटे-मोटे गुट अब अपनी ताकत की लड़ाई शुरू कर देते हैं। उन्हीं में से एक गुट का नेता था अबू बकर अल बगदादी अल कायदा इराक का चीफ। वो 2006 से ही इराक में अपनी जमीन तैयार करने लगा था। मगर तब ना उसके पास पैसे थे ना कोई मदद और ना ही लड़ाके। बगदादी चूंकि खुद स्थानीय था जैसा कि उसके नाम से पता चलता है लिहाजा विदेशियों के इराक छोड़ते ही उसने इराक में अपनी जड़ें नए सिरे से जमाने का फैसला किया।

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