DEFENCE

भारतीय शांति सैनिक दक्षिण सूडान के मिशन पर

दक्षिण सुडान में शांति मिशन

नई दिल्ली। शांति स्थापना मिशन के तहत दक्षिण सूडान के ओकोवो में नीले हेलमेटों (शांति सैनिकों) की तैनाती कर दी गई है। यह वह सुदूरवर्ती इलाका है जो अफ्रीका के इथोपियाई सीमा के साथ जोगलाई राज्य के उत्तरी-पूर्वी हिस्से में स्थित है। यह विद्रोहियों की सूडान पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का अंतिम गढ़ है।





सामरिक चुनौतियां

ओकोवो एक दूरदराज का क्षेत्र होने की वजह से किसी सड़क नेटवर्क तथा संचार सुविधाओं से नहीं जुड़ा है। यह मूलभूल सुविधाओं से वंचित है। हाल ही में इथोपिया के एडिस में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के परिणास्वरूप ओकोवो में दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन की मौजूदगी की जरूरत को अनुभव किया गया है।

दक्षिण सुडान में शांति मिशन

सुरक्षा चुनौतियां

वर्तमान में ओकोवो में सरकार की सूडान लिबरेशन आर्मी और विद्रोहियों की सूडान पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के बीच लगातार मुठभेड़ जारी है। कुछ विद्रोही गुट के सदस्यों का अलग होना तथा SPLA (TD) के दल से संबंध रखना ओकोवो में हालात को और विस्फोटक तथा संदिग्ध बना रहा है। वहां पर आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के बढ़ने से बेचैनी है तथा मानवीय सहायता की जरूरत है।

Force in Sudan

यूएन मिशन पेट्रोल बेस, उम्मीद का प्रतीक

दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन का पेट्रोल बेस धीरे-धीरे स्थानीय नागरिकों के लिए शांति और स्थिरता के साथ आशा का प्रतीक बन गया है। युद्धग्रस्त क्षेत्र में सरकार तथा विद्रोही गुटों के बीच मुठभेड़ चल रही है। काउंटी कमिश्नर जेमुन युत के मुताबिक यूएन मिशन विभिन्न गुटों के बीच शांति प्रक्रिया को बहाल करने में मदद कर सकता है।

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