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पाकिस्तान का नाम लिए बिना यूएन में गरजा भारत

सैयद-अकबरूद्दीन

संयुक्त राष्ट्र। पाकिस्तान का सीधे-सीधे जिक्र किए बिना संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से भारत ने उन स्रोतों का पता लगाने को कहा है जहां से अफगानिस्तान में सरकार विरोधी तत्व दुनिया में सबसे बड़े सामूहिक सैन्य बलों से लड़ने के लिए हथियार, प्रशिक्षण और धन हासिल कर रहे हैं।





UN में भारत की खरी-खरी

भारत ने इस तरह आतंकवाद के वित्त पोषण और पाकिस्तान स्थित आतंकियों के सुरक्षित पनाहगाहों पर लगाम लगाने में नाकामी के लिए परोक्ष रूप से अमेरिका समेत विश्व समुदाय और संयुक्त राष्ट्र को भी कटघरे में खड़ा कर दिया।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने बुधवार को कहा, ‘हम इस चलन में वृद्धि देख रहे हैं कि अफगानिस्तान में हिंसा को रोजमर्रा की घटना के रूप में लिया जा रहा है। आतंकवादियों और अपराधी नेटवर्कों की बर्बरता को सरकार विरोधी तत्वों या गृह और राजनीतिक संघर्ष के परिणाम के रूप में नजरअंदाज कर दिया जाता है। ऐसा करके हम कुछ महत्वपूर्ण सवालों को सामने लाने में नाकाम नजर आते हैं।’

आतंकी कहां से हथियार, विस्फोटक, प्रशिक्षण हासिल कर रहे ?

अफगानिस्तान के संबंध में सुरक्षा परिषद की एक बैठक को संबोधित करते हुए अकबरुद्दीन ने साफ तौर पर कहा कि ये सरकार विरोधी तत्व कहां से हथियार, विस्फोटक, प्रशिक्षण और धन हासिल कर रहे हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, ‘उन्हें सुरक्षित शरण कहां मिलती है? यह कैसे हो सकता है कि ये तत्व दुनिया में सबसे बड़े सामूहिक सैन्य प्रयासों में से एक के खिलाफ खड़े हो गए हैं ? यह कैसे संभव हुआ है कि ये तत्व अफगान लोगों की हत्या और उन पर बर्बरता के लिए दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ?’

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