International

भारत-जर्मनी के बीच दो समझौतों पर दस्तखत, जर्मन राजदूत ने कहा- समर्थन रहेगा जारी

पीएम मोदी और जर्मन चांसलर मर्केल

नई दिल्ली। जर्मनी के दिवपक्षीय सरकारी विकास सहायता कार्यक्रम में भारत सबसे बड़ा लाभकारी देश है और पिछले 60 वर्षों के जर्मन सहायता कार्यक्रम के दौरान जर्मनी ने सालाना औसतन एक अरब यूरो (करीब 80 अरब रुपये) की विकास सहायता भारत को दी है। फिलहाल इस सहायता कार्यक्रम के तहत 8.5 अरब यूरो का सहायता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।





जर्मनी के राजदूत मार्टिन न्ये ने यहां भारत सरकार के साथ दिवपक्षीय सहायता कार्यक्रम के तहत सहयोग के दो नये समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा कि जर्मनी द्वारा मंजूर विकास कार्यक्रमों को भारत में यदि तय वक्त में लागू किया जाए तो यह कार्यक्रम औऱ तेज हो सकता है। राजदूत ने कहा कि भारत के साथ विकास सहयोग के तहत प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा , सतत शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंध है।

राजदूत ने कहा कि भारत में स्मार्ट सिटी के विकास के लिये जर्मनी भारत को समर्थन देता रहेगा। अपने विकास सहायता कार्यक्रम के तहत जर्मनी भारत में खाद्य व पोषण सुरक्षा,  मृदा संरक्षण और बेकार हो चुकी जमीन को फिर इस्तेमाल लायक बनाने के कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। इसके अलावा जर्मनी ने भारत के गंगा सफाई कार्यक्रमों में भी अपना योगदान जारी रखने को प्रतिबद्धता दिखाई है।

राजदूत ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच सामरिक साझेदारी का रिश्ता है। दोनों जी-20 के सदस्य के नाते संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को लागू करने को प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि 1958 के बाद से जर्मन विकास सहयोग ने भारत में करोड़ों लोगों का जीवन स्तर बेहतर किया है। जर्मनी अपने विकास कार्यक्रमों की मदद से भारत मे गरीबी उन्मूलन के कार्यक्रमों में सहयोग देता रहा है।

Comments

Most Popular

To Top