Air Force

अटलांटिक-91 पर भी भारत से मात खा चुका है पाकिस्तान

पाकिस्तान एयरफोर्स

नई दिल्ली: कुलभूषण जाधव के केस से पहले भी भारत और पाकिस्तान इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में भिड़ चुके हैं। ये 18 साल पहले की बात है जब भारत ने पाकिस्तानी नौसेना का एक विमान मार गिराया था। तब पाकिस्तान ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था लेकिन अदालन ने उसकी याचिका ये कहकर ठुकरा दी थी कि ये केस अन्तर्राष्ट्रीय अदालत के न्यायक्षेत्र में नहीं आता।





करगिल संघर्ष की समाप्ति के महीने भर के भीतर ये घटना हुई थी जब 10 अगस्त 1999 को पाकिस्तान नौसेना के 29 स्क्वाड्रन गश्ती विमान अटलांटिक-91 को कच्छ के रण में मार गिराया था। फ्रांस निर्मित अटलांटिक को पाकिस्तान सेना गश्ती और राहत कार्य के लिए इस्तेमाल करती थी। उस दिन सुबह करीब नौ बजे अटलांटिक-91 ने पाकिस्तान के सिंध प्रांत के महरान एयर बेस से उड़ान भरी थी। कुछ ही देर बाद भारतीय वायुसेना के रडार के इसके भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने के सिग्नल मिले। विमान को काबू करने के लिए भारतीय वायुसेना के कच्छ क्षेत्र के नलिया एयरबेस से दो मिग-21 ने उड़ान भरी। ये मिग 45 स्क्वाड्रन के थे।

कच्छ में भारतीय वायु सेना के मिग-21 ने अटलांटिक को मार गिराया था

 

काफी देर भारतीय मिग इसके आगे पीछे उड़ान भरते रहे ताकि अटलांटिक लौट जाए। जब ऐसा नहीं हुआ तो भारतीय लड़ाकू विमानों को आदेश दिया गया कि वो अटलांटिक को गिरा दें। स्क्वाड्रन लीडर पी. के. बुंदेला ने मिग-21 से हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल दागी जिससे अटलांटिक का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और फिर वो नियंत्रण से बाहर होकर क्रेश हो गया। अटलांटिक में पांच अधिकारियों समेत अभियान के 18 जवान मारे गए।

इस घटना से दोनों देशों के बीच जबरदस्त तनाव हो गया। पाकिस्तान का दावा था कि उसके विमान ने भारतीय वायुक्षेत्र उल्लंघन नहीं किया और इसके पीछे उसकी दलील थी कि विमान का मलबा पाकिस्तान नियंत्रण वाले क्षेत्र में गिरा था। जबकि, घटना के बाद भारतीय सेना के जवान अटलांटिक का कुछ मलबा भी अपने साथ लेकर आए थे जिस पर पाकिस्तान की दलील थी कि ऐसा भारतीय जवान पाकिस्तानी क्षेत्र में घुसकर मलबा लेकर गए थे।

दूसरी तरफ भारत का दावा था कि बार-बार चेतावनी के बाद भी अटलांटिक के कप्तान ने इसे भारतीय क्षेत्र से नहीं निकाला। और दूसरी दलील थी कि अटलांटिक काफी ऊंचाई पर था और उसका रेडियस बहुत बड़ा था ऐसे में विमान लहराता हुआ पाकिस्तान क्षेत्र में गिरा।

पाकिस्तान ने इसे भारत की तरफ से की गई बर्बरता बताया था। उसका कहना था कि विमान में हथियार नहीं थे।पाकिस्तान के अधिकारियों का ये भी कहना था कि विमान रोजमर्रा की ट्रेनिंग उड़ान पर था। जबकि भारतीय विशेषज्ञों का कहना था कि नौसेना का अटलांटिक अगर ट्रेनिंग मिशन पर था तो इसे समुद्री क्षेत्र में उड़ान भरनी चाहिए थी क्योंकि मैदानी इलाके में नौसेना की ट्रेनिंग नहीं होती।

कुछ विशेषज्ञों का मानना था कि अटलांटिक भारतीय वायुसेना के रडार सिस्टम की टोह लेने आया था और इससे पहले भी दर्जनों दफा पाकिस्तानी विमानों की भारतीय वायुक्षेत्र में घुसने की कोशिशों की कई घटनाएं हो चुकी हैं। भारत ने अटलांटिक के घटनाक्रम का वीडियो भी दिखाया था।

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