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हिज़बुल मुजाहिदीन का मुखिया ‘ग्लोबल आतंकी’ घोषित

हिजबुल प्रमुख सैयद सलाउद्दीन

नई दिल्ली। व्हाइट हाउस में मोदी-ट्रम्प की मुलाकात से कुछ ही घंटों पहले अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट ने सोमवार(26 जून) को आतंकी सरगना व कश्मीरी में सक्रिय आतंकी संगठन हिज़बुल मुजाहिदीन के मुखिया यूसुफ शाह उर्फ सैयद सलाहुद्दीन को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया। भारत ने अमेरिका के इस कदम का स्वागत किया है। सलाउद्दीन के खिलाफ उठाए गए इस कदम से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका का सीधा व कड़ा रुख सामने आ गया है। मोदी व ट्रम्प के बीच पहली और ऐतिहासिक मुलाकात सोमवार आधी रात के बाद व्हाइट हाउस में हुई। इस मुलाकात में ट्रम्प की पत्नी मेलानिया भी शामिल हुईं थीं। दोनों देशों के रिश्तों में यह मुलाकात नया मो़ड़ लाने वाली मानी जा रही है।





अमेरिकी विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, इस घोषणा के बाद किसी भी अमेरिकी नागरिक के सलाहुद्दीन के साथ किसी तरह के लेन-देन पर पाबंदी होगी। इसके साथ ही अमेरिकी न्यायिक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सलाहुद्दीन की सारी संपत्ति ब्लॉक हो जाएगी।

सलाउद्दीन ने भारतीय सेना को भी दी थी धमकी

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, ‘हिज़बुल के वरिष्ठ नेता के नाते सितंबर 2016 में सलाउद्दीन ने, जिसे सैयद मोहम्मद यूसुफ शाह के रूप में भी जाना जाता है। उसने धमकी दी थी कि वह कश्मीर समस्या का शांतिपूर्ण समाधान नहीं होने देगा। उसने कश्मीरियों को आत्मघाती हमलावर के रूप में और प्रशिक्षण देने और घाटी को भारतीय सेना का कब्रिस्तान बनाने की भी धमकी दी थी।’ हिजबुल ने कश्मीर में हुए कई हमलों की जिम्मेदारी ली थी। इनमें अप्रैल 2014 का धमाका भी था। जिसमें जम्मू-कश्मीर में 17 लोग घायल हुए थे।

कश्मीर के सबसे बड़ा आतंकी संगठन का सरगना

सलाउद्दीन 1989 से आतंकी गतिविधियों में शामिल है। वह अभी हिज़बुल मुजाहिदीन का सरगना है और पाकिस्तान में रह कर कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता है और खतरा है कि वह और आतंकी हमले कर सकता है। बता दें कि हिजबुल कश्मीर का सबसे बड़ा आतंकी संगठन है। 1987 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव हारने के बाद वह आतंकी बना। अधिकतर वह पाकिस्तान कब्जे वाले मुजफ्फराबाद में रहता है।

फैसले का भारत ने किया स्वागत

भारत ने इस फैसले का स्वागत किया है। विदेश विभाग के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि यह उस खतरे को रेखांकित करता है जिसका दोनों देश भारत और अमेरिका सामना कर रहे हैं। इस बीच, ट्रम्प के साथ बैठक से पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन और रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक इन दोनों की बैठकों में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करने के तरीकों पर खास तौर से बातचीत की गई। टिलरसन के साथ मुलाकात में रणनीतिक व आर्थिक सहयोग सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बागले ने पीएम मोदी के हवाले से कहा कि सारी दुनिया इस साझेदारी की ओर देख रही है। उन्होंने कहा कि भारत की इच्छा अमेरिका के साथ इस साझेदारी को आगे बढ़ाने की है।

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