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दूसरे विश्व युद्ध के बमों के डर से शहर को कराया खाली

हेनोवर: दूसरे विश्व युद्ध के समय के बमों को निष्क्रिय करने से पहले जर्मनी के हेनोवर शहर को खाली कराया जा रहा है। अब तक करीब 50 हजार लोगों को शहर से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। हेनोवर शहर में जिन इमारतों को खाली कराया गया है उनमें सात अस्पताल, एक क्लिनिक और एक टायर प्लांट भी शामिल है।





बीबीसी के मुताबिक, अधिकारियों को उम्मीद है कि जिन लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है वे प्रक्रिया ख़त्म होने के बाद शाम तक वापस लौट पाएंगे। लोगों से इलाक़ा ख़ाली करवाने का काम स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे शुरू हो गया। लोगों से ज़रुरत के सामान जैसे दवाएं साथ ले जाने और गैस चूल्हे और बिजली के उपकरण बंद करने के लिए कहा गया है।

स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक, रेल सेवाओं में भी दोपहर तक देरी हो सकती है। निकाले गए लोगों के समय के सदुपयोग के लिए शहर में म्यूज़ियम टूर, बच्चों की फिल्मों और खेल के आयोजनों का इंतज़ाम किया गया है। जर्मनी की समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक, लोगों के लिए बड़ी मात्रा में सूप तैयार करवाया गया है।

विदित हो कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान गठबंधन सेना के विमानों ने हेनोवर शहर पर भारी बमबारी की थी जिसमें हज़ारों लोग मारे गए थे और शहर बुरी तरह तबाह हो गया था। 9 अक्टूबर, 1943 की रात सबसे ख़तरनाक थी। 2 लाख 61 बमों की वजह से 1245 लोग मारे गए थे और ढाई लाख लोग बेघर हो गए थे।

गौरतलब है कि, बीते वर्ष क्रिसमस के दिन ऑसबर्ग में बमों को निष्क्रिय करने के लिए लोगों को निकालने का सबसे बड़ा अभियान चलाया गया था, क्योंकि एक इमारत के निर्माण कार्य के दौरान 3.8 टन बमों का पता चलने के बाद 54 हज़ार लोगों को निकाला गया था।

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