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डोनाल्ड ट्रम्प के दो साल- क्या खोया क्या पाया..

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

लास एंजेल्स  से ललित मोहन बंसल

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सत्तासीन होने के दो साल बीत चुके हैं। इस बीच ऐसे कितने ही मुक़ाम आए जब वह देश और दुनिया भर के मीडिया की सूर्खियों में छाए रहे हैं। ऐसे कम अवसर आए हैं जब मीडिया ने उन्हें सराहा हो, उनके काम की सराहना की हो। इसके बावजूद एक ‘ज़िद्दी’ राष्ट्रपति के चेहरे पर कभी शिकन नहीं आई। पिछले दो साल के कार्यकाल में यह पहला मौक़ा है, जब अमेरिकी कांग्रेस के इतिहास में रिकॉर्ड ‘शट डाउन’ ने डेमोक्रेट के हौसले बढ़ा दिए हैं। दो साल बाद राष्ट्रपति चुनाव- 2020 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। एक पक्षीय मीडिया की ओर से क़यास लगाए जाने लगे हैं, ‘ट्रम्प- एक अवधि के राष्ट्रपति’ हैं। भारतीय मूल की कैलिफ़ोर्निया सिनेटर कमला हेरिस, हवाई से ‘हिंदू’ डेमोक्रेटिक सांसद तुलसी गाबार्ड, मैसाचुटेस से सिनेटर प्रो॰ एलिज़ाबेथ वारेन और न्यूयॉर्क से सिनेटर क्रिसटिया गिलबरंड ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए ललकारना प्रारंभ कर दिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी की अधिकृत उम्मीदवारी के लिए कितने और डेमोक्रेट मैदान में आएंगे, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है। पिछले चुनाव 2016 में वरमोंट से तेज़ तर्रार निर्दलीय सिनेटर बर्नी सैंडर्स डेमोक्रेटिक उम्मीदवारी के लिए पहले से ही कमर कसे बैठे हैं।





बहरहाल, डोनाल्ड ट्रम्प की ताजपोशी का 20 जनवरी को तीसरा साल रिकॉर्ड शट डाउन के साथ शुरू हो गया। तीसरे साल की पूर्व संध्या पर ट्रम्प ने राष्ट्र के नाम संबोधन में बाल आव्रजक के रूप में आए सात लाख ड्रीमर्स जो अब यौवन की दहलीज़ पार कर चुके हैं, ‘डेफ़र्ड़ एक्शन चाइल्डहुड अराइवल’ (DACA) और टीसीए के तहत तीन साल की मोहलत देते हुए दीवार निर्माण के लिए 5.7 अरब डॉलर आवंटित किए जाने की अपील की। पर इस अपील का डेमोक्रेट पर कोई असर नहीं पड़ा।

बहरहाल आठ लाख संघीय कर्मचारी एक महीने से वेतन के मोहताज  हैं। बेशक, 24 महीनों में रोज़गार की स्थिति मज़बूत हुई है। फ़ेडरल रिज़र्व ने चार बार ब्याज दर में वृद्धि कर सुदृढ़ इकोनॉमी के संकेत दिए हैं। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि ईरान के साथ अमेरिका सहित पांच बड़े देशों के साथ आणविक संधि और पेरिस जलवायु परिवर्तन संधि से ट्रम्प प्रशासन के बाहर निकलने से दुविधाएं बढ़ीं हैं। गत नवंबर में कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के उपचुनाव में एक सौ से अधिक डेमोक्रेट महिलाओं ने दस्तक दी है, उस से  ट्रम्प की मुसीबतें बढ़ी हैं। इस से कांग्रेस के निचले सदन-प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन ने नियंत्रण खोया है। इस से आगे आने वाले शेष दो साल ट्रम्प के लिए और दूभर होंगे। इनमें दीवार निर्माण के लिए 5.7अरब डॉलर के वित्तीय प्रस्ताव पर डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से टका सा जवाब दिया जाना राष्ट्रपति के मूंह पर करारा तमाचा तो है ही, डेमोक्रेटिक पार्टी और व्हाइट हाउस के बीच गतिरोध बढ़ने से आर्थिक विकास दर में कमी एक और बड़ा सबब बन सकता है।

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध (ट्रेड वार) विराम के लिए प्रयास जारी हैं। पिछले महीने अर्जेंटीना में ट्रम्प और शी जिन पिंग ने शिखर वार्ता में 28 फ़रवरी तक मौजूदा अड़चनों को दूर किए जाने का ऐलान किया है। इन दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता नहीं होता है तो मुमकिन है, ट्रम्प सीमा शुल्क दस प्रतिशत से बढ़ा कर पच्चीस प्रतिशत कर दें। असल में ट्रम्प के सम्मुख चीन के साथ व्यापार में अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार असंतुलन और प्राकृतिक सम्पदा की चोरी दो बड़ी अड़चनें हैं। फ़िलहाल अमेरिका को चीन के साथ अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में क़रीब साढ़े तीन सौ अरब डॉलर का घाटा हो रहा है। नाफ़्टा संधि के सिरे नहीं चढ़ने से अमेरिकी GDP को चोट पहुंची है। पहले बजट में कारपोरेट घरानों के लिए करों में कटौती से ट्रेज़री में अरबों डालर का पहले ही चूना लग चुका है। आक्सफ़ोर्ड इकॉनोमिक्स के अर्थशास्त्री ग्रेग डेको ने कहा है कि इकॉनोमी केक को चट किया जा चुका है। इस समय टेबल पर कुछ बचा नहीं है।

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