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…अब भारतीय जल-क्षेत्र में दिखीं चीनी पनडुब्बियां-युद्धपोत

चीन की पनडुब्बी

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच टकराव जैसे-जैसे बढ़ता जा रहा है वैसे ही भारत के लिए चुनौतियां भी बढ़ती जा रही हैं। खबर ये है कि हिंद महासागर में चीन के कई युद्धपोत और पनडुब्बियां चक्कर लगाते नजर आ रहे हैं, सूत्रों के मुताबिक चीन ‘एंटी पाइरेसी ऑपेरशन’ के नाम पर पिछले आठ साल से ऐसा करता आ रहा है, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन भारत को घेर रहा है। वहीं हिन्द महासागर में उसकी मौजूदगी भारत के लिए चिंता का विषय है।





पेट्रोलिंग करते देिखे चीनी युद्धपोत व पनडुब्बियां

जहां भूटान में चीनी सैनिकों से टकराव बढ़ रहा है। वहीँ, हाल ही में हिन्द महासागर में चीनी सेना के युद्धपोत व पनडुब्बियां पेट्रोलिंग करते देखे गए हैं। चीनी नौसेना के युद्धपोत हिंद महासागर में निगरानी करते हुए घूम रहे हैं। पिछले कुछ समय से इनकी उपस्थिति काफी बढ़ गई है, हाल ही में अवैध सड़क निर्माण रोकने के चलते भारत-चीन सैनिकों के बीच सीमा पर काफी विवाद हो गया, जिसके बाद चीन ने कैलाश मानसरोवर यात्रियों और भारतीय पत्रकारों की तिब्बत यात्रा पर रोक लगा दी थी।

उच्च अधिकारियों को दी गई सूचना

सूत्रों के मुताबिक, युआन क्लास की ये पारंपरिक डीजल इलेक्ट्रिक पनडुब्बी जलक्षेत्र में तैनात की जाने वाली 7वीं पनडुब्बी है। इस पनडुब्बी को हाल में भारतीय समुद्री क्षेत्र में प्रवेश करते देखा गया। गौरतलब है कि भारतीय सैटेलाइट्स और नौसेना निगरानी तंत्र ने पिछले दिनों तकरीबन 14 चीनी नौसेना पोतों को भारतीय समुद्री क्षेत्र में घूमते देखा था। इनमें आधुनिक लुआंग-3 और कुनमिंग क्लास स्टील्थ डेस्ट्रॉयर्स भी शामिल हैं। भारतीय नौसेना चीनी पोतों की हर हरकत पर पैनी नजर रखे हुए है। भारतीय नौसेना ने चीन की सेना की ओर से भारतीय समुद्री क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ने के बारे में नई दिल्ली उच्च अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है।

 पनडुब्बियों ने बढ़ाई भारत की चिंता

बता दें कि हिंद महासागर एक ‘ओपन सी’ हैं, जिसमें किसी भी देश के जहाज पैट्रोलिंग कर सकते हैं, साथ ही 2008 के बाद से बने अंतर्राष्ट्रीय एंटी-पायरेसी पैट्रोलिंग गठजोड़ के बाद से हालांकि चीनी युद्धपोत हमेशा से अरब सागर और फारस की खाड़ी के आसपास गश्त लगाते रहते हैं, लेकिन भारत चीन सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच इनका भारतीय सीमा के आस-पास नजर आना भारत के लिए चिंता का विषय है

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