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चीन ने रद्द किया पत्रकारों का दौरा..

भारत-चीन-सीमा

नई दिल्ली। भारत-चीन सीमा पर तनाव लगातार बढ़ रहा है इस तनाव के कारण पहले चीन ने नाथु ला के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा रद्द कर दी थी। वहीं, अब सिक्किम सेक्टर के डोकलाम क्षेत्र में 08 से 15 जुलाई को होने वाले पत्रकार दौरे को भी रद्द कर दिया गया है।





चीनी दूतावास के हवाले से दी गई जानकारी

दिल्ली में स्थित चीनी दूतावास के हवाले से दी गई जानकारी, चीन प्रति वर्ष चुनिंदा भारतीय पत्रकारों के लिए तिब्बत यात्रा का आयोजन करता है, लेकिन चीन ने इस बार इस पर रोक लगा दी है। बता दें कि भारतीय सेना ने चीन द्वारा डोकलाम में अवैध सड़क निर्माण का कार्य रुकवा दिया था जिस कारण दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।सिक्किम और भूटान में सीमा विवाद के बीच चीन की सरकारी मीडिया की ओर से एक लेख प्रकाशित किया गया है।

अपनी जमीन की रक्षा के लिए जंग भी मंजूर

वहीं, चीनी मीडिया की ओर से जारी एक लेख में कहा गया है कि अपनी सीमा की रक्षा के लिए चीन जंग की हद तक भी जाने को तैयार है। लेख में कहा गया है कि चीन किसी भी हद तक जाकर अपनी जमीन की हिफाजत करेगा। भारतीय सेना के साथ हितों के टकराव के बीच अगर जंग की जरूरत पड़ी तो उसे वो भी मंजूर है।

डोकलाम को अपना क्षेत्र कहता है चीन

डोकलाम चीन और भूटान के बीच विवादित क्षेत्र है। सिक्किम सेक्टर के डोकलाम क्षेत्र को चीन भूटान डोकलाम कहकर पुकारता है यही नहीं, चीन इसे अपने डोंगलांग क्षेत्र का हिस्सा होने का दावा करता है। सूत्रों के मुताबिक, 1962 के युद्ध के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब चीन और भारत के बीच इतने लंबे समय से गतिरोध बना हुआ है। बता दें कि मई 1976 में सिक्किम भारत का हिस्सा बना था और एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसकी चीन के साथ एक निर्धारित सीमा है। ये सीमा रेखा चीन के साथ 1898 में हुई एक संधि पर आधारित हैं।

सीमा पर तैनात किए गए अतिरिक्त सैनिक

पिछली बार 2013 में 21 दिन तक गतिरोध की स्थिति बनी थी जब जम्मू-कश्मीर के लद्दाख में दौलत बेग ओल्डी क्षेत्र में चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में 30 किलोमीटर अंदर डेपसांग पठार तक प्रवेश कर लिया था और इसे अपने शिनझियांग प्रांत का हिस्सा होने का दावा किया था। हालांकि, भारतीय सेना ने उन्हें वापस खदेड़ दिया था। इधर, बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत ने चीन सीमा पर अधिक संख्या में अपने सैनिक तैनात किए हैं।

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