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ये हैं 7 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM)

दुनिया की सबसे बड़ी मिसाइल

उत्तर कोरिया के हमलावर तेवर तथा उसके एक के बाद एक मिसाइल परीक्षणों ने दुनिया खासकर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। जुलाई में उसने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का परीक्षण कर दावा किया कि अमेरिका भी उसकी मिसाइल की जद में है। आज हम आपको बता रहे हैं कि ICBM किसे कहते हैं और साथ ही दुनिया की 7 चर्चित ICBM के बारे में भीः





क्या है इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM)

दुनिया की सबसे बड़ी मिसाइल

ये है दुनिया की सबसे बड़ी मिसाइल (फाइल फोटो)

इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) जैसा कि नाम से जाहिर है ऐसी मिसाइल जो एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक मार कर सके। यानी जिसकी मारक क्षमता एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक हो। आईसीबीएम उन मिसाइलों को कहा जाता है जिनकी मारक क्षमता कम से कम 5500 किलोमीटर की दूरी तक हो। आईसीबीएम बनाने का काम दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जर्मनी में शुरू हुआ। अमेरिकी शहरों को निशाना बनाने के लिए इसे प्रोजक्ट अमेरिका नाम दिया गया। बाद में शीत युद्ध के दिनों में अमेरिका और रूस (सोवियत संघ) ने इसे और विकसित किया। आज कई देशों के पास ऐसी मिसाइलें हैं। आगे पढ़िए लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों के बारे मेंः

रूसी मिसाइल R-36M (मारक क्षमता 16,000 किलोमीटर तक )

रुसी मिसाइल

रुसी मिसाइल (फाइल फोटो)

रूस की R-36M दुनिया की सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM)  मानी जाती है। दुनिया की यह सबसे वजनी मिसाइलों में है। इस मिसाइल की क्रूजिंग स्पीड 28,440 किलोमीटर प्रति घंटा है। शीत युद्ध के दिनों में सोवियत संघ ( अब रूस) ने शुरुआत में इसे अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए विकसित किया था। एक साथ 10 निशानों को भेदने में सक्षम इस मिसाइल के बल पर सोवियत संघ ने मिसाइलों के मामले में शेष दुनिया के मुकाबले बढ़त बना ली थी। आज की तारीख में रूस का यह सबसे ताकतवर हथियार है। इसकी मारक क्षमता से रूस के प्रतिद्वंद्वी भी खौफ खाते हैं।

चीनी मिसाइल डॉन्गफेंग 5A (DF-5A)  (1300 किमी तक)

चीनी मिसाइल डॉन्गफेंग 5A (DF-5A)

चीनी मिसाइल डॉन्गफेंग 5A (DF-5A) (फाइल फोटो)

इस मिसाइल के बल पर चीन ने दुनिया में अपनी धाक कायम कर ली है। इस मिसाइल की रेंज में यूरोप और अमेरिका तक है। परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम डॉन्गफेंग की मार करने की क्षमता 13,000 किलोमीटर तक हो सकती है। यह 12,000 किलोमीटर रेंज वाली DF-5 का संशोधित संस्करण है।  यह मिसाइल छह रि एंट्री व्हिकल भी ढो सकती है।

रूसी मिसाइल R-29RMU सिनेवा (11,547 किमी तक)

रशियन मिसाइल

रशियन मिसाइल (फाइल फोटो)

रूस की यह एक और ऐसी मिसाइल है जिससे दुश्मन खौफ खाते हैं। यह रूस की तीसरी पीढ़ी की इंटरकॉन्टिंनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल है। इसे पनडुब्बी से भी लॉन्च किया जा सकता है। इसका पहला फुल रेंज टेस्ट अक्टूबर 2008 में किया गया और इसकी मारक क्षमता 11,547 किलोमीटर आंकी गई। वर्ष 2007 में इसे सेना में शामिल किया गया। इस मिसाइल का इस्तेमाल सेना वर्ष 2030 तक कर सकती है।

अमेरिकी मिसाइल UGM-133 ट्राइटेंड II (11,300 किमी तक)

अमेरिकी मिसाइल

अमेरिकी-मिसाइल (फाइल फोटो)

पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली UGM-133 ट्राइटेंड II अमेरिकी मिसाइल है। इसकी गणना दुनिया की बेहतरीन इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों में की जाती है। इसे अमेरिकी नौसेना में 1990 में शामिल किया गया। वर्ष 2042 तक यह नौसेना की सेवा में रहेगी। इसकी रेंज 11,300 किमी तक आंकी गई है। लक्ष्य को भेदने और आठ परमाणु बम ले जाने की इसकी सटीक क्षमता इसे बेजोड़ बनाती है। यह 13,500 मील प्रति घंटे की गति पकड़ सकती है।

चीनी मिसाइल डॉन्गफेंग 31A (11,200 किमी तक)

चीनी मिसाइल डॉन्गफेंग 31-A

चीनी मिसाइल डॉन्गफेंग 31-A (फाइल फोटो)

डॉन्गफेंग 31A दरअसल DF-31 का संशोधित संस्करण है। वर्ष 2007 में इसे चीन की सेना में शामिल किया गया। इस मिसाइल की मारक क्षमता दुनिया के बड़े हिस्से तक है। यूरोप, अमेरिका और रूस के कई शहर इसकी पहुंच में आते हैं।

रूसी मिसाइल RT-2PM2 TOPOL- M (11,000 किमी तक)

रूसी मिसाइल R-29RMU सिनेवा

रूसी मिसाइल R-29RMU सिनेवा (फाइल फोटो)

टोपोल मिसाइल का संशोधित संस्करण यह ऐसी मिसाइल है जिसे सोवियत संघ के विघटन के बाद रूस ने विकसित किया। इसकी मारक क्षमता 11 हजार किलोमीटर तक आंकी गई है। वर्ष 1997 में रूसी सेना में शामिल की गई यह मिसाइल 16,440 मील प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है।

फ्रांस की मिसाइल M 51 (10,000 किमी तक)

फ्रांस की मिसाइल M 51

फ्रांस की मिसाइल M 51 (फाइल फोटो)

फ्रांस की इस मिसाइल की ऑपरेशनल रेंज 8 से 10 हजार किलोमीटर तक है। इस मिसाइल को फ्रेंच सेना में 2010 में किया गया। पनडुब्बी से लॉन्च की जाने वाली इस मिसाइल अपनी खूबियों की वजह से दुनिया में अपनी धाक जमा ली है। यह 25 मैक की गति पकड़ सकती है।

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