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INS कलवरी को भारतीय नौसेना में शामिल किए जाने के बाद किसने क्या कहा ?

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को नौसेना गोदी, मुम्बई में आयोजित एक शानदार समारोह में आईएनएस कलवरी (एस-21) का जलावतरण किया। भारतीय नौसेना में परियोजना 75 (कलवरी श्रेणी) के अन्तर्गत निर्मित 6 स्कॉरपीन श्रेणी की पनडुब्बियों में से यह पहली पनडुब्बी है। फ्रांसीसी निर्माता मैसर्स नेवल ग्रुप के सहयोग से मझगांव डॉक लिमिटेड में निर्मित होने वाली 6 पनडुब्बियों में से इस पहली पनडुब्बी को नौसेना में औपचारिक रूप से शामिल कर लिया गया।





इस ऐतिहासिक और युगांतरकारी घटना के अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल विद्या सागर राव, मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणनवीस, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष भामरे, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल, नौसेना अध्यक्ष एडमिरल सुनील लाम्बा, पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिग इन चीफ वाइस एडमिरल गिरीश लूथरा, सीएमडी, एमडीएल कमोडोर राकेश आनंद (सेवानिवृत्त), तत्कालीन कलवरी (सोवियत फॉक्सट्रोट श्रेणी पनडुब्बी) के कमांडिग ऑफिसर कमोडोर सुब्रमनयन (सेवानिवृत्त) और अनेक अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

नौसेना को और ताकत प्रदान करेगी INS कलवरी

नौसेना गोदी, मुम्बई पहुंचने पर नौसेना अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री की अगवानी की। प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ आनर दिया गया और उनका वहां मौजूद जहाज के अधिकारियों और अन्य प्रमुख व्यक्तियों से परिचय कराया गया। इस अवसर पर भारत की जनता को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने आईएनएस कलवरी को मेक इन इंडिया का एक प्रमुख उदाहरण बताया। उन्होंने इसके निर्माण में शामिल लोगों की सराहना की। उन्होंने पनडुब्बी को भारत और फ्रांस के बीच तेजी से बढ़ती हुई साझेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि आईएनएस कलवरी भारतीय नौसेना को और अधिक ताकत प्रदान करेगी।

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