Air Force

VIDEO: वायुसेना के सुखोई विमान का चीन सीमा पर शक्ति प्रदर्शन

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और वायुसेना चीफ बीएस धनोआ
रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और वायुसेना चीफ बीएस धनोआ (सौजन्य- ANI)

ईटानगर। भारतीय वायुसेना ने चीन की सीमा से सटे अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट अडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड पर युद्ध की तैयारियों को परखने के लिए चलाए जा रहे ‘युद्धाभ्यास गगनशक्ति’ के तहत अत्याधुनिक सुखोई- 30 एमकेआई फाइटर जेट को उतारा। पासीघाट का आसमान सुखोई की गर्जन से गूंज उठा। वायुसेना ने प्रतिकूल मौसमों में बमबारी करने और टारगेट पर निशाना लगाने की तैयारी को जांचा।





पासीघाट चारों ओर पहाड़ों से घिरा क्षेत्र है जहां एएलजी पर विमानों की लैंडिंग बेहद मुश्किल भरी मानी जाती है पर यह देश के उत्तरी हिस्से और नॉर्थ-ईस्ट में सैनिकों और सैन्य साजो-सामान की आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्व है। एक्सरसाइज के दौरान वायुसेना के सबसे बड़े मालवाहक विमान सी- 17 ग्लोबमास्टर ने भी पासीघाट में लैंडिंग की। वायुसेना के साहसिक प्रदर्शन को देखने के लिए पासीघाट एएलजी पर रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और वायुसेना चीफ बीएस धनोआ भी मौजूद थे।

सुखोई विमानों और MI- 17 हेलिकॉप्टरों ने असम के डीएम रेंज में हवा से जमीन पर मिसाइल फायर किए और बम भी बरसाए। युद्धाभ्यास गगनशक्ति के तहत एक साथ दो मोर्चों (चीन एवं पाकिस्तान) पर युद्ध लड़ने की तैयारियों को परखा जा रहा है। 15 दिनों के गगनशक्ति अभ्यास के तहत वायुसेना इन दिनों ताकत दिखा रही है। पाकिस्तान के साथ लगने वाले पश्चिमी मोर्चे पर तीन यानी 72 घंटे के भीतर एयरफोर्स ने 5,000 उड़ानें भरी हैं।

एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ के अनुसार इस पूरे अभियान पर पाकिस्तान की भी नजर है। गगनशक्ति में 160 से ज्यादा सुखोई- 30 जेट्स और 8 तेजस विमानों समेत इस अभ्यास में 550 एयरक्राफ्ट्स को शामिल किया गया है। इनमें से करीब 80 फीसदी फाइटर जेट्स ने सेवा की क्षमता के आधार पर शानदार परफॉर्म किया है।

 

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