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जलियांवाला बाग में लगी शहीद उधम सिंह की प्रतिमा, गृह मंत्री ने किया अनावरण

शहीद उधम सिंह की प्रतिमा
ऐतिहासिक जलियांवाला बाग (फाइल)

अमृतसर। गृह मंत्री राजनाथ सिंह आज अमृतसर के ऐतिहासिक जलियांवाला बाग में शहीद उधम सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि जब भी युवाओं में आक्रोश पैदा हुआ है, देश में बदलाव देखने को मिला है। चाहे वह अंग्रेजी शासन रहा हो या स्वतंत्रता के बाद का काल। देश का इतिहास इसका गवाह है। युवाओं ने व्यवस्था के बदलाव की अगुवाई की।





शहीद उधम सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उधम सिंह की प्रतिमा को जलियांवाला बाग में लगाने की मांग काफी दिनों से चल रही थी। बता दें कि 13 अप्रैल 1919 को हुए जलियांवाला हत्याकांड के अगले महीने 100 पूरे हो रहे हैं।

ऐतिहासिक जलियांवाला बाग

ऐतिहासिक जलियांवाला बाग

जानें जलियांवाला बाग हत्याकांड के बारे में

ये हत्याकांड पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के निकट जलियांवाला बाग में वर्ष 1919 में हुआ था। इस दिन रौलेट एक्ट का विरोध करने के लिए एक सभा हो रही थी। जनरल डायर ने उस सभा में उपस्थित भीड़ पर गोलियां चलवा दी थीं। इसमें सभा में शामिल हजारों बेगुनाह लोग मारे गए। इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। बता दें कि रौलेट एक्ट मार्च 1919 में भारत की ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत में उभर रहे राष्ट्रीय आंदोलन को कुचलने के उद्देश्य से निर्मित कानून था।

शहीद उधम सिहं ने ऐसे लिया था बदला !

जनरल डायर के जुल्मों का बदला लेने का फैसला उधम सिंह ने लिया। बदला पूरा करने के लिए साल 1934 में उधम सिंह लंदन जाकर रहने लगे। 13 मार्च 1940 को ‘रॉयल सेंट्रल एशियन सोसायटी’ की लंदन के ‘कॉक्सटन हॉल’ में बैठक थी। इस बैठक में डायर को भी शामिल होना था, उधम भी वहां पहुंच गए। जैसे ही डायर भाषण के बाद अपनी कुर्सी की ओर बढ़े किताब में छुपी रिवॉल्वर निकालकर उधम सिंह ने उसपर गोलियां बरसा दीं। डायर की मौके पर ही मौत हो गई। उधम सिंह को पकड़ लिया गया और मुकदमा चलाने के बाद 31 जुलाई, 1940 को उन्हें फांसी दे दी गई।

 

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