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ढाई साल की बेटी ने राजस्थान में शहीद पिता को दी मुखाग्नि

राजस्थान। ढाई साल की नन्ही मिष्टी ने अपने नन्हे हाथों से अपने शहीद पिता को मुखाग्नि दी। वह क्या कर रही है उसे तो इस बात का शायद ही इल्म हो। लेकिन इस दृश्य को देखने वाला हर व्यक्ति भावुक हो गया। आमतौर पर बेटियों को अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट नहीं लाया जाता, लेकिन पुलवामा में शहीद हुए राजस्थान के राजेंद्र नैण के परिवार ने बड़ा कदम उठाते हुए शहीद की ढाई साल की बेटी मिष्ठी से उसके पिता को मुखाग्नि दिलवाई। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति के आंसू निकल पड़े।





पुलवामा में हुए आतंकी हमले में हुए शहीद

पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए चुरु जिले के गांव के जवान राजेंद्र नैण का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव गौरीसर पहुंचा, जहां उनका पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मंगलवार सुबह हजारों की संख्या में ग्रामीण, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

26 वर्षीय राजेंद्र नैण दो वर्ष पहले ही सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। उनके शहीद होने की खबर से पूरा गांव आहत था। शहीद की पत्नी बेटी मिष्ठी के साथ अपने मायके में थी। वह मंगलवार को ही अपने ससुराल पहुंचीं थीं। शहीद राजेंद्र का एक साल का बेटा भी है। उनकी ढाई साल की बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।

सीआरपीएफ डीआइजी जगदीश मीणा ने कहा कि आतंकवादी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया गया, इस दौरान आतंकवादियों से बहादुरी से लड़ते हुए जवान राजेंद्र शहीद हुए, उनकी शहादत पर पूरे देश को गर्व है।

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