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नौसेना के इस कैप्टन ने जान पर खेलकर बचाई 26 जिंदगियां

नौसेना के कैप्टन पी. राजकुमार

तिरुवनंतपुरम। केरल में बाढ़ के कारण हालात बेहद खराब हैं। अब तक सवा तीन सौ लोगों  से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। अलग-अलग इलाकों में हजारों लोग बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं लेकिन इस सबके बीच राहत की बात यह है कि थल सेना, वायुसेना, नौसेना के साथ-साथ तटरक्षक बल के जवान इंसानी जिंदगियां बचाने के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं। अब तक लगभग पांच हजार लोगों को बचाया जा चुका है। इसी बचाव अभियान के तहत नौसेना के कैप्टन पी. राजकुमार ने शुक्रवार को 26 लोगों को ऐसे इलाके से बचाया जहां जाना बेहद मुश्किल था।





घने पेड़ों के बीच हेलिकॉप्टर को ले जाना खतरे से कम नहीं था लेकिन कैप्टन पी. राजकुमार ने सुझबूझ से काम लिया और SeaKing 42B helicopter को एक इमारत की छत पर ले जाकर एक-एक करके 26 लोगों को वहां से निकालने में कामयाब रहे। यह पहला मौका नहीं है जब कैप्टन पी. राजकुमार ने विषम परिस्थितियों में असाधारण साहस का प्रदर्शन किया। असाधारण साहस के लिए उन्हें शौर्य चक्र भी मिल चुका है। शुक्रवार को उन्होंने कुल 32 लोगों की जान बचाई।

जैसा कि हम शुक्रवार को आपको खबर दे चुके हैं कि नौसेना ने किस तरह एक गर्भवती महिला को बचाया औऱ जिसने बाद में अस्पताल में बेटे को जन्म दिया।

सिर्फ नौसेना ही नहीं वायुसेना, थल सेना, तटरक्षक बल, NDRF और दूसरी एजेंसियां भी लोगों की जिंदगियां बचाने के लिए चौबीसों घंटों काम कर रहे हैं। सेना की विशेष इंजिनियरिंग टास्क फोल्स नावों और विशेष उपकरणों के साथ बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने का काम कर रहे हैं। भारतीय सेना अब तक 13 अस्थायी पुल बना चुकी है। इन पुलों के जरिए 38 दूरस्थ इलाकों तक संपर्क संभव हो पाया है।

बता दें कि केरल में सेना का ‘ऑपरेश मदद’ से मुश्किल में फंसे लोगों को बेहद राहत मिली है। सेना के तीनों अंग तथा अन्य एजेंसियां प्रशासन के साथ मिलकर लोगों तक खाने-पीने का सामान और दवाएं पहुंचा रही हैं।

पिछले 100 वर्ष में राज्य में ऐसी भीषण बाढ़ नहीं आई है। पिछले 9-10 दिन से लगातार बारिश ने कई रिकार्ड तोड़ दिये हैं। गत 8 अगस्त से 15 अगस्त के बीच सामान्य से साढ़े तीन गुना अधिक बारिश ने राज्य में हालात बिगाड़ दिए। 16 अगस्त को दस गुना और 17 अगस्त को पांच गुना अधिक बारिश से हालात और बिगड़ गए।

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