DEFENCE

DU की इस पहल से सैनिकों के आश्रितों के दाखिले की राह हुई आसान

दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) द्वारा इस वर्ष दाखिला कोटे में किए गए संशोधन के बाद सैन्यकर्मियों के पुत्र-पुत्रियों और पत्नियों ने काफी संख्या में आवेदन कर जताया कि पढ़ाई के लिए उनकी एक पसंदीदा जगह DU भी है।





दिल्ली विश्वविद्यालय ने इस वर्ष रिजर्वेशन ऑफ आर्म्ड पुलिस (सीडब्ल्यू) कोटे में कई संशोधन किए थे। इसके तहत भूतपूर्व फौजियों तथा सेना में मौजूदा कार्यरत जवानों को शामिल किया गया था। इस वजह से इस साल सीडब्ल्यू कोटे से दाखिले के लिए 4,754 आवेदन पंजीकृत हुए। इसमें सर्वाधिक संख्या (1,662) सेवारत सैनिकों के आश्रितों की है। इसके बाद 1,626 आवेदनों का पंजीकरण पूर्व सैनिकों के आश्रितों ने किया है।

DU में स्नातक दाखिले के लिए गुरुवार देर रात आवेदन प्रक्रिया समाप्त हो गई। दिल्ली विश्वविद्यालय में इस बार सामान्य प्रवेश प्रक्रिया के अलावा सैन्य कोटे के तहत छात्र-छात्राओं के लिए प्रत्येक कालेज तथा सभी पाठ्यक्रमों की पांच प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं।

इससे पहले विश्वविद्यालय में सीडब्ल्यू कोटे में दाखिले का लाभ इन श्रेणियों के लोगों को मिलता था-युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के बच्चे या पत्नी (प्रथम श्रेणी), सेवाकाल में घायल होने की वजह से नौकरी से बाहर आए जवानों के आश्रित (दूसरी श्रेणी), सेवाकाल में शांतिकाल के दौरान मृत या घायल होने के कारण बाहर आए जवानों के आश्रित (तीसरी श्रेणी), परमवीर चक्र, अशोक चक्र, सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल, वीर चक्र, शौर्य चक्र, युद्ध सेवा मेडल, सेना-नौसेना-वायुसेना मेडल प्राप्त सैनिकों के आश्रित या राष्ट्रपति पुलिस पदक प्राप्त पुलिसकर्मी व अर्धसैनिक बलों के आश्रित (चौथी श्रेणी)।

पर इस वर्ष कुछ और श्रेणियां बढ़ जाने की वजह से आवेदकों की संख्या बढ़ गई है। इस वर्ष विश्वविद्यालय प्रशासन को सर्वाधिक आवेदन छठी श्रेणी (पूर्व सैनिकों के आश्रितों) तथा आठवीं श्रेणी (सेना में सेवारत जवानों) और सबसे कम (64) नौवीं श्रेणी (सेवारत सैनिकों की पत्नियां) से पंजीकृत हुए हैं।

 

 

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