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आखिरी बार नौसेना के बैंड दस्ते का नेतृत्व करेंगे नेवी बैंड मेजर रमेश चंद कटोच

नई दिल्ली। पिछले 30 वर्षों से राजपथ पर नौसेना के बैंड दस्ते का हिस्सा रहे ऑनरेरी सब लेफ्टिनेंट रमेश चंद कटोच इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड तथा बीटिंग रिट्रीट में नौसेना के 80 सदस्यीय बैंड की आखिरी बार अगुवाई करेंगे। लेफ्टिनेंट रमेश चंद के मुताबिक 20 वर्ष उन्होंने बतौर बैंड मेजर नौसेना के बैंड दस्ते की अगुवाई की है उन्हें इस बात का मलाल है कि अगले वर्ष वह इस बैंड का हिस्सा नहीं बन सकेंगे, क्योंकि 37 वर्षों की सेवा के बाद वह अप्रैल में सेवानिवृत्त हो रहे हैं।





1989 में पहली बार किया था दल का नेतृत्व 

बैंड मेजर कटोच के मुताबिक, गणतंत्र दिवस परेड उनके जीवन में रच बस गयी है, उनके जीवन का हिस्सा बन गयी है। वह चाहते हैं कि अगले वर्ष भी बैंड में शामिल हों। वह बताते हैं कि वर्ष 1989 में वह पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में नौसेना के बैंड में शामिल हुए थे। वर्ष 1999 से वह राजपथ पर लगातार नौसेना के बैंड का नेतृत्व कर रहे हैं।

 नहीं भूलता 2001 का वह परेड का  दिन 

अपने अनुभव बांटते हुए वह कहते हैं कि वह दिन उन्हें हमेशा याद रहता है। जब उनके दस्ते की बारी से पहले 26 जनवरी 2001 में गुजरात में भूकंप आया था और उनके दस्ते ने राजपथ पर भूकंप के झटकों को महसूस किया था। अचानक लगा कि पैरों के नीच धरती हिल रही है। उन्होंने कहा कि नौसेना के बैंड ने उनके नेतृत्व में नौ बार अंतर सेना प्रतियोगिता जीती है। बैंड मेजर का कहना है कि उन्होंने भविष्य के लिए दो लोगों को दस्ते का नेतृत्व करने के लिए प्रशिक्षित किया है।

 यह होगी इस बार की परेडमें नौसेना की  थीम 

इस वर्ष परेड में नौसेना 3 अफसरों की अगुवाई में 144 नाविक हिस्सा लेंगे। नेवी ने इस बार की थीम रखी है ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जंग की खातिर तैयार नेवी।’ झांकी में भारत के स्वदेशी विमानवाहक पोत विक्रांत का मॉडल भी शामिल किया गया है। इस विशाल पोत से मिग-29 विमानों को उड़ान भरते दिखाया जाएगा। वीडियो व फोटो के जरिए नौसेना की विभिन्न गतिविधियों को दिखाया जाएगा, जिसमें नेवी की INSV तारिणी पार सवार ‘नाविका सागर परिक्रमा’ पर निकली नौसेना की 6 महिला अफसरों को भी दिखाया जाएगा जो तारिणी के जरिए विश्व-भ्रमण अभियान पर निकली हुई है।

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