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अपने समुद्री सफर के इस पड़ाव पर पहुंचा INSV तारिणी का महिला दल

दुनिया के  अपने पहले परिक्रमा अभियान के दौरान INSV तारिणी  (फ़ॉकलैण्ड द्वीप) में पोर्ट स्टैनले बंदरगाह पहुंच गई है। यह नौका द्वारा विश्व की परिक्रमा करने का भारत का पहला ऐसा अभियान है जिसमें चालक दल की सभी सदस्य महिलाएं हैं। इस नौका का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमाण्डर वर्तिका जोशी कर रही हैं और ले. कमाण्डर प्रतिभा जामवाल एवं पी. स्वाति और लेफ्टिनेंट एस. विजया देवी, बी. ऐश्वर्या और पायल गुप्ता चालक दल में शामिल हैं।





अपने सफर के अहं पड़ाव को पार करने पर लेफ्टिनेंट एश्वर्या ने अपने ट्विटर पर टीम का अनुभव साझा किये हैं उन्होंने बताया कि वह अपनी टीम के साथ किस प्रकार प्रकृति का नजारा ले रही हैं और उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने INSV Tarini को 10 सितंबर को गोवा से झण्डा दिखाकर रवाना किया था। यह नौका गोवा से अभी तक करीब 15,000 समुद्री मील की दूरी तय कर चुकी है, इसने 25 सितंबर को भूमध्य रेखा को पार किया था और 9 नवंबर को केप लीयुविन को पार किया, और 18 जनवरी को केप हॉर्न को पार किया।

स्वदेश में निर्मित INSV Tarini एक 56 फीट लंबी नौका है जिसे भारतीय नौसेना में पिछले साल शामिल किया गया था जो कि भारत की ‘मेक इन इंडिया’ की पहल को अंततराष्ट्रीय स्तर पर दर्शाता है। ‘नविका सागर परिक्रमा’ अभियान महिलाओं को सशक्त बनाने की उस राष्ट्रीय नीति के अनुरूप है जिसके तहत वे अपनी क्षमताओं को पूर्ण विकास कर सकें। इसका यह भी उद्देश्य है कि चुनौतियों से भरे माहौल में उनकी भागीदारी के उदाहरण से भारतीय समाज में महिलाओं के प्रति सोच को बदला जा सके और समाज की सोच में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सके और विश्व पटल पर नारी शक्ति का उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके।

परिक्रमा पूरी करने के बाद अप्रैल 2018 में नौका का गोवा वापस लौटना अपेक्षित है। चालक दल नियमित तौर पर मौसम, समुद्र और लहरों से संबंधित आंकड़ों का संग्रह कर रहा है और उन्हें अपडेट कर रहा है ताकि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) मौसम का सटीक पूर्वानुमान लगा सके, इसके साथ ही चालक दल गहरे समुद्र में सामुद्रिक प्रदूषण पर भी नजर रखे है। बंदरगाह पर ठहरने के दौरान चालक दल के सदस्य स्थानीय लोगों से व्यापक तौर पर मिलेंगे, विशेषकर के बच्चों से, ताकि सामुद्रिक नौवहन और रोमांच की भावना को प्रोत्साहित किया जा सके। चार फरवरी 2018 को नौका को पोर्ट स्टैनले से आगे रवाना होना है।

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