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13 तस्वीरों में देखें जांबाजों का सम्मान, ऐसी हैं इनके अदम्य साहस की कहानियां

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘रक्षा सम्मान समारोह’ में वीरता पुरस्कार प्रदान किए और विशिष्ट सेवा के लिए सैनिकों को अलंकृत किया। राष्ट्रपति ने ऐसे जवानों और शहीदों को सम्मानित किया जिन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर अवश्यंभावी मृत्यु के सम्मुख शौर्य, अपने कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण, असाधारण युद्ध कौशल और उत्कृष्ट नेतृत्व का परिचय दिया। जिन्होनें अनुकरणीय नेतृत्व, दृढ़ साहस और कर्तव्य से आगे बढ़कर वीरता का प्रदर्शन किया। अनुकरणीय वीरता, अदम्य साहस और कर्तव्य के प्रति सर्वोच्च समर्पण के लिए सशस्त्र सैनिकों को तेरह ‘परम विशिष्ट सेवा मेडल’,26 ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’   तीन ‘कीर्ति चक्र’ और तेरह ‘शौर्य चक्र’ प्रदान किए गए।





लांस नायक रघुबीर सिंह

लांस नायक रघुबीर सिंह को मरणोपरांत ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी श्रीमती रेखा और मां श्रीमती खिमुली देवी ने राष्ट्रपति द्वारा यह वीरता पुरस्कार प्राप्त किया।

फरवरी 2017 को लांस नायक रघुबीर सिंह कश्मीर के कुलगाम में एक गांव में तलाशी और घेराबंदी ऑपरेशन की  टीम के स्काउट थे। लांस नायक ने आतंकियों के गुप्त स्थल का भंडा-फोड़ किया। जैसे ही दल लक्षित घर की सबसे ऊपरी मंजिल पर पहुंचा।तभी छिपे चार आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। लेकिन उन्होंने अनुकरणीय सूझ-बूझ का परिचय देते हुए अपने दल को गोलीबारी की दिशा के बारे में चेतावनी दी और सीधी गोलीबारी में निडरतापूर्वक आतंकियों का मुकाबला किया। अपने दल के अन्य सदस्यों की रक्षा के लिए उन्होंने आतंकियों की सीधी गोलीबारी का सामना करने में निस्वार्थ रूप से स्वयं को झोंक दिया। इस गोलीबारी में वह घायल हो गए लेकिन अपनी जान की परवाह न करते हुए सटीक निशाने से एक आतंकी को मार गिराया तथा अन्य को भागने से रोके रखा। अंत में वह अपने घावों के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए। देश को दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें ‘शौर्य चक्र’ प्रदान किया गया।

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