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जन्मदिन विशेष: आजादी की लड़ाई का पहला बिगुल फूंका था क्रांतिकारी सिपाही मंगल पांडे ने, जानें 8 खास बातें

जब भी जंग-ए-आजादी का जिक्र होता है तो आजादी का बिगुल बजाने वाले सैनिक मंगल पांडे का नाम गर्व से लिया जाता है। मंगल पांडे का जन्म आज ही के दिन वर्ष 1927 में उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव नगवा में हुआ था। सही मायनों में देखा जाए तो आजादी के लिए संघर्ष की शुरुआत तो 1857 में ही हो चुकी थी। झांसी की रानी लक्ष्मी बाई, तात्या टोपे और मंगल पांडे 1857 की क्रांति के नायकों में से हैं। अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें गद्दार और विद्रोही की संज्ञा दी लेकिन वह हर भारतीय के महानायक हैं। एक मायने में 1857 के गदर के प्रथम विद्रोही मंगल पांडे ही थे। उन्होंने ऐसे विद्रोह को जन्म दिया जो जल्द ही एक संग्राम में बदल गया।





इस विद्रोह के लिए जाने जाते हैं मंगल पांडे

जी हां, वह दिन था 28 मार्च, जब मंगल पांडे ने पहली बार अंग्रेजों के खिलाफ बगावत की थी। इस दिन को इतिहास में सैनिक विद्रोह के नाम से जाना जाता है। दरअसल, इस दिन ब्रिटिश आर्मी के भारतीय जवान मंगल पांडे ने बैरकपुर के परेड ग्राउंड में ईस्ट इंडिया कंपनी के ब्रिटिश अफसर पर गोली चला दी थी। हालांकि वह बच गया लेकिन मंगल पांडे ने अन्य भारतीय सिपाहियों को भी अंग्रेजों पर हमला करने के लिए प्रेरित किया।  

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