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उधर से गोली आई तो जवानों को पता है कि क्या करना हैः राजनाथ सिंह

रिवार्ड देते राजनाथ सिंह

BSF के सोलहवें अलंकरण समारोह में चार जांबाज मरणोपरांत सम्मानित

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने चेतावनी देने के लहजे में कहा कि हमारा पड़ोसी पाकिस्तान अपने हथकंडों से बाज नहीं आता। हम पहली गोली नहीं चलाएंगे पर उधर से गोली आएगी तो जवानों (BSF) को पता है कि क्या करना है। यही नहीं, जवाबी कार्रवाई पर जाबांज जवानों से कोई पूछेगा नहीं। उन्होंने यह बात विज्ञान भवन में सीमा सुरक्षा बल द्वारा आयोजित सोलहवें अलंकरण समारोह एवं रुस्तमजी मेमोरियल लेक्चर कार्यक्रम के दौरान कही। केन्द्रीय गृहमंत्री ने यह भी कहा कि वह BSF को ‘रक्षा की पहली पंक्ति’ के रूप में नहीं बल्कि हमारी ‘रक्षा की पहली दीवार’ के रूप में पुकारेंगे।





BSF के कार्यक्रम में अधिकारियों के साथ गृहमंत्री

BSF के इस भव्य समारोह में राजनाथ सिंह ने अजेय प्रहरियों को सम्मानित और अलंकृत किया। वीरता के लिए 14 पुलिस पदकों में से चार को मरणोपरांत सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने चार पुस्तक तथा एक डाक टिकट भी जारी की। BSF के महानिदेशक केके शर्मा ने कहा कि BSF जवान राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान कर रहे हैं। BSF अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को भी पूरा कर रहा है।

डॉ. एच.आर. नागेन्द्र

सीमा सुरक्षा बल के जनक केएफ रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान के तहत डॉ. एच.आर. नागेन्द्र ने उपस्थित जवानों, अधिकारियों जनसमूह को बताया कि योग द्वारा मन की शांति किस तरह राष्ट्र निर्माण और सीमा की सुरक्षा के लिए कारगर है। उन्होंने विस्तार से बताया कि अष्टांग योग कर्तव्य निर्वहन, ड्यूटी के दौरान तनाव और दबाव से मुक्त करता है।

कार्यक्रम में आईबी के निदेशक राजीव जैन, BSF  के पूर्व डीजी, गृह मंत्रालय तथा सीमा सुरक्षा बल के तमाम अधिकारी भी मौजूद थे।

 

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