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स्वदेशी विक्रांत पोत का समुद्री परीक्षण 2020 के शुरू में

आईएनएस विक्रांत
आईएनएस विक्रांत (फाइल फोटो)

नई दिल्ली। देश में बन रहा पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत विक्रांत 2020 के महीनों में समुद्री परीक्षण के लिये तैयार हो जाएगा। इस विमानवाहक पोत के चल रहे विकास कार्य की समीक्षा के लिये रक्षा सचिव संजय मित्र को आला अधिकारियों के साथ कोच्चि शिपयार्ड में 19 जुलाई को ली गई बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई।





40 हजार टन विस्थपन क्षमता वाला यह पोत फिलहाल इंडीजीनस एयरक्राफ्ट कैरियर (आईएसी) के नाम से जाना जाता है। रक्षा सचिव के साथ बैठक में नौसेना के वाइस चीफ वाइस एडमिरल अजीत कुमार, नौसेना के युद्धोत उत्पादन और अधिग्रहण के कंट्रोलर वाइस एडमिरल डी एम देशपांडे, रक्षा मंत्रालय में शिपिंग के संयुक्त सचिव सतिन्दर पाल सिंह और नौसेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

रक्षा सचिव को विमानवाहक पोत का पूरा भ्रमण करवाया गया। इस दौरान उन्हें युद्धपोत उत्पादन सचिव कमोडोर साइरिल थामस ने पोत पर चल रहे काम की जानकारी दी। कोच्चि शिपयार्ड के चेयरमैन मधु एस नायर ने वादा किया कि पोत को तयशुदा समयसीमा के भीतर नौसेना को समुद्री परीक्षण के लिये सौंप दिया जाएगा।

इस पोत को बनाने की पहली मंजूरी 2008 में मिली थी और अगले साल इसका कील डाला गया था। अगस्त, 2013 में इसे लांच किया गया था । अब तक इस पोत पर मेन प्रोपल्सन प्लांट, पावर जनरेशन संयंत्र, डेक मशीनरी और सहायक उपकरणों को तैनात कर दिया गया है और इनका एकीकरण किया जा चुका है। विमान पर तैनात किये जाने वाले कई वैमानिकी उपकरण, संचार और नौवहन प्रणालियां तैनात की जा रही हैं। पोत का अंदरूनी स्वीकृति के लिये शिपयार्ड की कैरियर एक्सेपटेंस और ट्रायल टीम ने अपना काम पहले ही शुरू कर दिया है। इसके पूरा होने के बाद 2010 के शुरु में पोत का समुद्री परीक्षण शुरु करने की उम्मीद है।

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