Air Force

…1971 की जंग के बाद अब भी पति का इंतजार कर रही है सुमन

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लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश सैनिक कल्‍याण बोर्ड की जारी की गई एक सूची के अनुसार भारतीय एयर फोर्स के अफसर फ्लाइट लेफ्टीनेंट मनोहर पुरोहित को 1971 की लड़ाई के दौरान पाकिस्तान में बंदी बना लिया गया था। पुरोहित की पत्नी सुमन पुरोहित को आज भी उनके वापस लौटने का इंतजार है। पुरोहित की तलाश में सुमन पाकिस्‍तानी जेलों की खाक भी छान आयी हैं।





फ्लाइट लेफ्टीनेंट मनोहर पुरोहित

फ्लाइट लेफ्टीनेंट पुरोहित को 1971 की लड़ाई के दौरान पाकिस्तान में बंदी बना लिया गया था (फाइल फोटो)

सुमन ने बताया कि मेरा तीन महीने का बेटा विपुल गोद में था। मैं उस वक्त पति के साथ राजस्थान में ही थी और लड़ाई चल रही थी। हर तरफ से तेज धमाके की आवाजें आ रही थीं। मनोहर, 5-6 बार पूर्वी पाकिस्तान के लिए उड़ान भर चुके थे। काम और जिम्मेदारी होने के बाद भी लड़ाई के 5वें दिन तो वह घर पर भी आ गए थे। लेकिन नौ दिसंबर की शाम एयर फोर्स स्टेशन से बुलावा आ गया। मनोहर, फिर से अपना एयरक्राफ्ट लेकर निकल गए।

फ्लाइट लेफ्टीनेंट पुरोहित ने 13 मार्च 1966 को भारतीय वायुसेना ज्वाइन किया और 9 दिसंबर को 1971 तक भारत की सेवा की।

उन्‍होंने राजस्थान सेक्टर से पश्चिमी पाकिस्तान के लिए उड़ान भरी थी, आमतौर पर वह जल्दी ही लौट आते थे। लेकिन उस दिन काफी देर हो गई थी फिर थोड़ी देर बाद सूचना मिली कि पति का एयरक्राफ्ट पाकिस्तानी हमले का शिकार हो गया था जिसके बाद पति को बंदी बना लिया गया है। तब से लगातार बेटे के साथ पति की खोज कर रही हूं।

सुमन के अनुसार, ‘मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, मानवाधिकार आयोग, रेडक्रॉस सोसाइटी सहित शायद ही कोई ऐसा संबंधित विभाग हो जिसे चिट्ठी न लिखी गई हो। लेकिन कोई फायदा नहीं निकला। अभी तक सरकार ने लड़ाई में बंदी बनाए गए अफसरों की कोई सुध नहीं ली है।’

बहरहाल, माना जा रहा है कि 1965 और 1971 की भारत-पाक जंग के बाद 54 रक्षाकर्मी पाकिस्तान की जेलों में कैद हैं। लेकिन पाकिस्तान ने अब तक अपनी जेलों में भारतीय लापता रक्षा कर्मियों की उपस्थिति को स्वीकार नहीं किया है।

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