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ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण, अब बढ़ेगी इसकी उम्र

ब्रह्मोस सुपर सोनिक मिसाइल

नई दिल्ली। भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ का सोमवार को ओडिशा के चांदीपुर में परीक्षण किया गया। सभी मापदंडों पर सही पाया गया यह मिसाइल परीक्षण सुबह 10.18 बजे किया गया। यह परीक्षण ब्रह्मोस मिसाइल के जीवनकाल को 15 वर्ष तक बढ़ाने की कवायद का हिस्सा है। अभी ब्रह्मोस की जीवन अवधि 10 वर्ष है। ब्रह्मोस एरोस्पेस औऱ रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) ने मिलकर यह परीक्षण किया। ब्रह्मोस सुपरसोनिक 3700 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से 290 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेद सकती है। इसका निशाना भी अचूक है। कम ऊंचाई पर उड़ान भरने के कारण इसे रडार भी पकड़ नहीं पाता है। भारत और रूस के द्वारा विकसित की गई इस अत्याधुनिक प्रक्षेपास्त्र प्रणाली ने मिसाइल तकनीक में भारत को अग्रणी देशों में से एक बना दिया है।





जवाबी कार्रवाई के लिए ब्रह्मोस मिसाइल बेहद उपयुक्त मानी जा रही है। यह अवरोधक का काम भी करेगी। ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज एंटी शिप मिसाइल है।

पिछले वर्ष फाइटर जेट सुखोई से दागकर ब्रह्मोस का सफल परीक्षण किया गया था। ब्रह्मोस को पनडुब्बी से, पानी के जहाज से, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है। समुद्री तथा थल संस्करणों के सफल परीक्षण के बाद इसे भारतीय सेना और नौसेना के सुपुर्द किया जा चुका है।

 

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