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स्पेशल रिपोर्ट: विश्व का सबसे बड़ा समुद्री अभ्यास गुरुवार से, भारतीय नौसैनिक पोत पहुंचे पर्ल हार्बर

आईएनएस सह्याद्री

नई दिल्ली। विश्व के सबसे बड़े नौसैनिक अभ्यास रिमपैक (RIMPAC) में भाग लेने के लिये भारतीय नौसेना का स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस सह्याद्री हवाई के निकट अमेरिकी नौसैनिक अड्डा पर्ल हार्बर में मंगलवार को प्रवेश कर गया।





अमेरिकी नौसेना की मेजबानी में आयोजित किये जा रहे 26 देशों के इस बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में 47 युद्धपोत, पांच पनडुब्बियां,  दो सौ से अधिक विमान और 25 हजार नौसैनिक भाग ले रहे हैं। RIMPAC यानी Rim of the Pacific नाम का यह अभ्यास हर दो साल में आयोजित होता है जो आधिकारिक तौर पर गुरुवार से शुरु होगा। पहली बार इस साझा अभ्यास में चीन को आमंत्रित नहीं किया गया है।

यह अभ्यास 1971 से शुरु हुआ था और तब इसमें अमेरिकी सैन्य खेमे के देश ही भाग लेते थे लेकिन अब इसमें अमेरिका के गैर सैनिक साथी देशों को भी आमंत्रित किया जाने लगा है। इस साल रिमपैक का यह 26 वां अभ्यास होगा। इस अभ्यास में भारत और मेजबान अमेरिका के अलावा आस्ट्रेलिया,  ब्राजील, ब्रुनेई,  कनाडा,  कोलम्बिया, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इजराइल, जापान, मलयेशिया, मैक्सिको, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, पेरू, दक्षिण कोरिया, फिलीपींस, सिंगापुर, श्रीलंका, थाईलैंड, टोंगा, वियतनाम और ब्रिटेन भाग ले रहे हैं। RIMPAC में पहली बार वियतनाम, इजराइल,  ब्राजील और श्रीलंका को आमंत्रित किया गया है। यह अभ्यास दो अगस्त तक चलेगा।

RIMPAC में चीन को नहीं आमंत्रित किये जाने के बारे में अमेरिकी नौसैनिक अधिकारियों का कहना है कि चीन को RIMPAC में भाग लेने के लिये दक्षिण चीन सागर में सभी कृत्रिम सुविधाओं बनाने की गतिविधियों को रोकना होगा। कृत्रिम द्वीपों से सभी हथियारों को हटाना होगा और इस क्षेत्र में स्थिरता लाने में अपना योगदान बताना होगा।

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