DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: तीनों सेनाओं का नया साझा कमांडो बल बनेगा

आर्म्ड फ्लैग डे पर तीनों सेनाओं के जवान
फाइल फोटो

नई दिल्ली। अमेरिका के स्पेशल ऑपरेशंस कमांड की तर्ज पर भारत में जल्द ही तीनों सेनाओं के सबसे चुनिंदा कमांडो को लेकर एक नया कमांडो बल बनेगा जो देश के लिये सामरिक महत्व की विशेष कार्रवाई संचालित करने में सक्षम होगा ।





घातक कमांडो के इस नये बल का नाम ‘आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल ऑपरेशंस डिवीजन’ रखा जाएगा। शुरू में इस नये सैन्य बल में थलसेना के स्पेशल फोर्सेज, नौसेना के मरीन कमांडो (मार्कोस) और वायुसेना के गरुड़ कमांडो बल से चुने हुए कमांडो को लेकर बनाया जाएगा।

नये गठित होने वाले डिवीजन में तीन हजार कमांडो होंगे जिसकी कमांड मेजर जनरल रैंक के अफसर के हाथ में होगी । सरकार ने हाल में साइबर एजेंसी के गठन के फैसले के वक्त ही स्पेशल कमांडो टीम के गठन का फैसला लिया था। साइबर एजेंसी की कमांड नौसेना के समान रैंक के अफसर को सौंपी जाएगी। दोनों विशेष कमांडो टीम एकीकृत रक्षा बल (आईडीएस) के तहत गठित होगी। आईडीएस ही प्रस्तावित अंतरिक्ष एजेंसी की जिम्मेदारी लेगा। गौरतलब है कि साल 2012 में नरेश चंद्र कमेटी ने तीन कमांड- स्पेशल ऑपरेशंस, साइबर औऱ अंतरिक्ष कमांड के गठन की सिफारिश की थी ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा की नई चुनौतियों का मुकाबला किया जा सके।

स्पेशल ऑपरेशंस डिवीजन के बारे में अधिकारियों ने कहा कि तीनों सेनाओं के कमांडो इसमें शामिल होंगे लेकिन इसमें थलसेना की विशेष भूमिका होगी। इसमें सबसे अनुभवी पेशेवर अधिकारी भर्ती किये जाएंगे। इस नई यूनिट के पास हेलीकाप्टरों, परिवहन विमानों और विशेष हथियारों के अलावा टोही उपकरणों की स्वतंत्र इकाई होगी जो खास सामरिक मिशनों को पूरा करेगी।

नया गठित होने वाला डिवीजन देश के भीतर और बाहर विशेष मिशनों के लिये तैनात किया जाएगा। इसके कमांडो का दायित्व उच्च अहमियत वाले लक्ष्यों को बचाना, आतंकवादी हमलों के दौरान बंधक बनाए जाने वाले लोगों को छुड़ाना आदि होगा।

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