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स्पेशल रिपोर्ट: राष्ट्रपति को दिया गया ज्ञापन फर्जी- निर्मला सीतारमण

निर्मला सीतारमण
फाइल फोटो

नई दिल्ली। कुछ पूर्व सेना प्रमुखों और पूर्व आला सैन्य अधिकारियों द्वारा मौजूदा चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं द्वारा सेना के नाम पर वोट मांगे जाने को लेकर राष्ट्रपति  रामनाथ गोविंद को भेजे  गए कथित पत्र पर विवाद गहराता जा रहा है। जहां रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण  ने राष्ट्रपति को भेजे इस कथित ज्ञापन को फर्जी और  राजनीतिक विद्वेष से बताया गया है। वहीं इस पर कथित तौर पर दस्तखत करने वाले कई पूर्व सैन्य अधिकारियों ने इस ज्ञापन पर दस्तखत करने से इनकार किया है।





रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से राष्ट्रपति को भेजे इस ज्ञापन के बारे में पूछे जाने पर इसकी निंदा की और कहा कि  वह इस सच्चाई की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहेंगी कि दो पूर्व अधिकारियों ने  ऐसे किसी ज्ञापन पर दस्तखत करने से इनकार किया है। पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एन सी सुरी ने कहा है कि उऩका नाम  ज्ञापन में फर्जी तौर पर शामिल  किया गया है। उन्होंने ऐसे किसी ज्ञापन पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। दूसरी ओर पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल सुरीश मेहता ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि उन्होंने इस  ज्ञापन पर दस्तखत किये हैं  और वह इससे सहमत हैं। पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एस एफ राड्रिग्स ने भी ऐसे किसी ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने से इनकार  किया है। हालांकि पूर्व एय़र मार्शल कपिल काक ने कहा  है कि उन्होंने इस ज्ञापन से सहमत होने की हामी भरी थी।

गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने इस आशय के पत्र का मसला उठाया है  और अपना एतराज जाहिर किया है।  कांग्रेस ने कहा है कि वोट के लिये सेना के नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाए। इस  कथित ज्ञापन में राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।

रक्षा मंत्री सीतारमण ने कहा है कि फर्जी ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की बात की जा रही है। यह पूरी तरह निंदनीय है।

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